सिविल लाइंस पुलिस ने एक दिन पहले शिवकुटी के गोविंदपुर निवासी आशीष त्रिपाठी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। गर्ल्स हाईस्कूल की प्रधानाचार्य की ओर से तहरीर देकर आरोप लगाया गया था कि उसने खुद को आईबी अधिकारी बताकर स्कूल में एडमिशन के लिए दबाव बनाया।
सिविल लाइंस में आईबी अफसर बनकर एडमिशन का दबाव बनाने वाले आरोपी के बारे में कई अन्य खुलासे हुए हैं। पता चला है कि उसने खुद के बारे में झूठ बोलने के साथ-साथ कई आईएएस-आईपीएस व मंत्रियों तक का नाम लिया था। उसकी ओर से एडमिशन के संबंध में भेजे गए व्हाट्सएप मैसेज से इसकी पुष्टि हुई है।
विज्ञापन
सिविल लाइंस पुलिस ने एक दिन पहले शिवकुटी के गोविंदपुर निवासी आशीष त्रिपाठी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। गर्ल्स हाईस्कूल की प्रधानाचार्य की ओर से तहरीर देकर आरोप लगाया गया था कि उसने खुद को आईबी अधिकारी बताकर स्कूल में एडमिशन के लिए दबाव बनाया। इसके बाद ही पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था।
यह भी बात सामने आई है कि उसने खुद को आईबी अधिकारी तो बताया ही, बड़े पदों पर तैनात कई आईएएस-आईपीएस को भी अपना करीबी बताया। कुछ मंत्रियों का नाम लेकर भी दबाव बनाने की कोशिश की। उसने व्हाट्सएप मैसेज में इन नामों का जिक्र किया, जो एडमिशन के संबंध में आरोपी की ओर से भेजे गए। प्रधानाचार्य की ओर से पुलिस को कुछ व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट भी सौंपे गए हैं।
विज्ञापन
प्रभारी सिविल लाइंस रामाश्रय यादव ने बताया कि व्हाट्सएप चैट में आरोपी ने कई लाेगों के नाम लेकर भी धौंस जमाने की कोशिश की। एसीपी सिविल लाइंस श्वेताभ पांडेय ने बताया कि जांच पड़ताल की जा रही है।