नगर निगम की ओर से पालतू कुत्तों एवं बिल्लियों के पंजीकरण को अनिवार्य करने के साथ अभियान भी शुरू किया गया है। इसके लिए कैंप लगाने के साथ निगम की टीम घर-घर भी जा रही है। इस दौरान 14 लोग सामने आए हैं जिन्होंने बिल्लियां पाल रखी हैं।
शहरियों में कुत्ता ही नहीं, बिल्ली पालने का भी शौक है। दो महीने से शुरू पंजीकरण अभियान के दौरान 14 बिल्ली पालने वाले सामने आए हैं और उनका रजिस्ट्रेशन कराया है। इस दौरान 370 नए लोगों ने कुत्तों का भी पंजीकरण कराया है।
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नगर निगम की ओर से पालतू कुत्तों एवं बिल्लियों के पंजीकरण को अनिवार्य करने के साथ अभियान भी शुरू किया गया है। इसके लिए कैंप लगाने के साथ निगम की टीम घर-घर भी जा रही है। इस दौरान 14 लोग सामने आए हैं जिन्होंने बिल्लियां पाल रखी हैं। इनमें से ज्यादातर लोग सिविल लाइंस, जार्जटाउन, टैगोर टाउन, मम्फोर्डगंज इलाके हैं। इससे पहले एक भी बिल्ली का पंजीकरण नहीं था।
इस दौरान पंजीकृत कुत्तों की संख्या भी बढ़ी है। पिछले वित्तीय वर्ष तक शहर में 1035 कुत्तों का पंजीकरण हुआ था। वहीं अभियान के दौरान 370 लोगों ने अपने डॉगी का पंजीकरण कराया है। इस तरह से शहर में कुल पंजीकृत कुत्तों की संख्या 1405 हो गई है।
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पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. विजय अमृतराज ने बताया कि 31 मार्च तक सभी पालतू कुत्तों एवं बिल्लियों के पंजीकरण का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए टीम घर-घर भी जा रही है।