तीन मुकदमे दर्ज थे उमेश पाल हत्याकांड से पहले
खुल्दाबाद के गुलाबबाड़ी के रहने वाले नफीस पर उमेश पाल हत्याकांड से पहले कुल तीन मुकदमे दर्ज थे। इनमें से एक हत्या का प्रयास व एससी एसटी एक्ट का था। जबकि दो मुकदमे कोराना काल के दौरान महामारी अधिनियम के तहत लिखे गए थे। इसके बाद उमेश पाल हत्याकांड में उसका नाम तब आया जब पुलिस को पता चला कि वारदात में इस्तेमाल क्रेटा कार उसकी ही थी। हालांकि तब पकड़े जाने के दौरान उसने बताया था कि घटना से कुछ महीनों पहले ही उसने यह कार रुखसार को बेच दी थी जो ट्रैवेल एजेंसी चलाता था।