दिल्ली में मिली थी लोकेशन
दो दिन पहले नफीस की लोकेशन दिल्ली में मिली थी। पता चला था कि वह वहां के पांच सितारा होटल में फरारी काट रहा है। उसकी कुछ तस्वीरें भी हाथ लगी थीं। इनमें से एक में वह होटल जबकि दूसरी में बस में बैठा नजर आया था।
अशरफ का जिगरी यार, फाइनेंसर भीनफीस माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ का बेहद करीबी था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि अशरफ ने उसके ही जरिये अपनी व अपने भाई की काली कमाई का एक बड़ा हिस्सा अलग-अलग कारोबारों में निवेश किया। इसके बदले में नफीस माफिया व उसके परिवार को आर्थिक मदद पहुंचाता था।
परिवार को गाड़ी से लेकर अतीक, अशरफ व अतीक के बेटों पर दर्ज केस में पैरवी के लिए भी रकम मुहैया कराता था। उमेश पाल हत्याकांड में उसकी ही क्रेटा कार का इस्तेमाल हुआ था, जिस पर उसे हिरासत में लेकर गहन पूछताछ भी की गई थी। हालांकि, तब उसे छोड़ दिया गया था। विवेचना में इस बात के पर्याप्त साक्ष्य मिले कि उमेश पाल हत्याकांड की साजिश में वह भी शामिल था। इस पर पुलिस ने उसे भी आरोपी बना दिया।
कई जगह खरीदी थीं जमीनें
पुलिस को पता चला है कि माफिया ने नफीस के जरिये जमीनों में भी काली कमाई लगाई थी। शहर में फाफामऊ, एयरपोर्ट क्षेत्र और धूमनगंज के साथ ही दूसरे जनपदों में भी उसने जमीनों में पैसा लगाया था। इसमें उसके कई पार्टनर भी थे। नफीस के पकड़े जाने के बाद अब माफिया की बेनामी संपत्तियों के बारे में भी अहम खुलासा हो सकता है।