बिना राधा अधूरे हैं श्याम, राधा-रानी को बनाया जाए पक्षकार : हिंदू पक्ष
इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ता रीना एन सिंह नेक्स्ड फ्रेंड वाद मित्र के रूप में राधा रानी को पक्षकार बनाने के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल की है। उन्होंने कोर्ट में दलील दी कि राधा के बिना श्याम अधूरे हैं। भगवान श्रीकृष्ण इस मुकदमे के मुख्य वादी हैं। संपत्ति उनकी है। संपूर्ण बृज मंडल व पूरे विश्व में भगवान श्रीकृष्ण बिना राधा रानी के अपूर्ण माने जाते हैं। भगवान श्री कृष्ण की सभी संपत्तियों में निहित माना जाएगा। ऐसे में राधा रानी को प्रस्तुत वाद में शामिल करना आवश्यक है।
वहीं, श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट के अधिवक्ता हरेराम त्रिपाठी ने राधा रानी को पक्षकार बनाए जाने का विरोध किया। दलील दी कि भगवान श्री कृष्ण लला विराजमान अवयस्क हैं। नाबालिग विग्रह के रूप में हैं। सारी संपत्ति उनकी है। ट्रस्ट के माध्यम से रिकॉर्ड पर उन्हीं के नाम से दर्ज है। भगवान के नाबालिग होने के नाते वादी भगवान श्रीकृष्ण विग्रह की किसी भी प्रकार से पत्नी रूप में किसी की परिकल्पना नहीं की जा सकती।
वाद विचाराधीन है, इसलिए बिना किसी हितधारक के किसी को भी पक्षाकार न बनाया जाए। मुस्लिम पक्ष ने कहा कि मुझे राधा रानी को पक्षकार बनाने पर कोई आपत्ति नहीं है। बस यह आवेदन कानूनी प्रावधान से स्वीकार्य है या नहीं। छह मई को न्यायालय में आगे होगी सुनवाई। शूट नंबर 7 में दिसंबर 2023 में यह प्रार्थना पत्र दाखिल की थी।