घरों में विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर भक्तों ने सुख-समृद्धि की कामना की। अलोपीबाग में सिद्धपीठ अलोपशंकरी देवी के दरबार में आधी रात के बाद ही कतार लग गई। मंदिर का पट मंगला आरती के बाद सुबह चार बजे खुला तो श्रद्धालु बारी-बारी से आगे बढ़ने लगे। यहां दर्शन-पूजन का क्रम मध्यरात्रि तक चलता रहा। सिद्धपीठ कल्याणी देवी में मंगला आरती के बाद सुबह 4:30 बजे पट खुलते ही दर्शन-पूजन के लिए कतार लग लग गई। मंदिर के अध्यक्ष पं. सुशील कुमार पाठक की मौजूदगी में कात्यायनी माता के स्वरूप का भव्य शृंगार किया गया। इसी तरह शहर के अन्य देवी मंदिरों में भक्तों ने फल, पुष्प, नारियल, चुनरी, नैवेद्य अर्पित कर मां का भोग लगाया। आचार्यों के सानिध्य में भक्तों ने श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ कर मंगल कामना की।