प्रयाग संगीत समिति के 55वें अखिल भारतीय संगीत एवं नृत्य समारोह में मंगलवार को कलाकारों ने अपने हुनर की शानदार प्रस्तुति दी। कलापिनी कोमकली ने शास्त्रीय गायन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ‘गोविंद बीन बजाई’, ‘अजहूं न आए श्याम’, ‘राजन अब तो आजा’, ‘कैसे घर जाऊं लंगरवा’, ‘आज गिरधर बिच फाग रचहियों’ और मीरा के भजन प्रस्तुत किए। उनके साथ तबले पर रामेंद्र सिंह सोलंकी और हारमोनियम पर अभिषेक शिंकर ने संगत दी।
पं. कृष्ण मोहन महाराज और के ग्रुप ने कथक ने प्रस्तुतियों से सभी का दिल जीत लिया। ‘रात हम देखलीं सपनवा हो रामा’, लखनऊ घराने का शुद्ध कथक नृत्य और नृत्यांग तराना में प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। तबले पर पं. अखिलेश भट्ट, गायन में संतोष सिन्हा और सितार में चंद्रचूर्ण भट्टाचार्य ने संगत दी। कार्यक्रम के अंत में समिति सचिव अरुण कुमार ने स्मृति चिह्न में नटराज की मूर्ति देकर कलाकारों को सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन मधुरानी शुक्ला ने किया।