विकासशील इंसान पार्टी के संस्थापक और बिहार सरकार में मंत्री मुकेश सहनी ने सोमवार को कहा कि प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से 169 सीटों पर निषादों का वोट बैंक काफी निर्णायक है। उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार अगर अपने वायदे के अनुसार निषाद समुदाय की मल्लाह, केवट, बिंद, मांझी, धीवर, कहार, गोड़िया, रायकवार आदि जातियों को अनुसूचित जाति का दर्जा नहीं देती है तो 2022 के चुनाव में उसकी नैया पार नहीं लगेगी।
मुकेश सहनी पार्टी की ओर से अलोपीबाग स्थित अखिल भारतीय पटेल सेवा संस्थान में आयोजित निषाद चेतना रैली में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 12.91 फीसदी संख्या निषाद समुदाय के लोगों की है। इसके बावजूद यह समुदाय दोयम दर्जे में है। अब आरक्षण के बिना निषाद समुदाय किसी पार्टी के झांसे में नहीं आएगा।
उन्होंने कहा कि गोरखपुर, गाजीपुर, जौनपुर, फतेहपुर, कानपुर, सिद्धार्थनगर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, चंदौली, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, बलिया, वाराणसी, मिर्जापुर, भदोही, प्रयागराज, बांदा, आगरा औरैया, फिरोजाबाद, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, बाराबंकी, बहराइच, पीलीभीत, शाहजहांपुर, लखीमपुर, बंदायू, करेली, उन्नाव, इटावा, मैनपुरी, फर्रूखाबाद, बस्ती की दो या दो से अधिक विधानसभाओं में निषाद समाज का वोट बैंक 40 हजार से अधिक है। जबकि 71 विधानसभाओं में इस समुदाय के मतदाताओं की संख्या 70 हजार से ज्यादा है।
फिर भी राजनैतिक पार्टियां ऐसे समाज के लोगों की अनदेखी कर रही हैं। अब इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निषाद समुदाय उसी को वोट करेगा, जो उन्हें आरक्षण दिलाएगा। रैली में प्रदेश उपाध्यक्ष राजू निषाद ने कहा कि 2022 के चुनाव में निषाद जातियां निर्णायक की भूमिका निभाएंगी। कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष राजू निषाद, जिलाध्यक्ष नानकराम, मंडल अध्यक्ष डीएस बिंद, कमल नारायण, कैलाश बिंद, कमलेश निषाद, राजकुमार निषाद, राजेश निषाद, लड्डू प्रजापति आदि मौजूद रहे।