विशेष कोर्ट ने पिछली सुनवाई में कहा था कि केस डायरी जो विवेचक ने लिखी है। उसमें गवाह के द्वारा दिए गए कागजातों को एकत्र कर विवेचना में शामिल कर पेश किए जाने का अंकन किया गया है। मगर यह पत्रावली पर उपलब्ध कागजातों में शामिल नहीं है।
उत्तर प्रदेश के पूर्व शिक्षा मंत्री राकेश धर त्रिपाठी के खिलाफ एमपीएमएलए कोर्ट में विचाराधीन आय से अधिक संपत्ति के मामले में विवेचक भारत रत्न वार्ष्णेय बृहस्पतिवार को पेश हुआ और उसने मामले से जुड़ी पत्रावलियों को प्रस्तुत करते हुए अपना स्पष्टीकरण दिया। कोर्ट ने विवेचक से गवाह द्वारा प्रस्तुत किए गए पत्रावलियों पर भी जानकारी ली और इसके बाद गवाही के लिए तिथि तय कर दी।
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विशेष कोर्ट ने पिछली सुनवाई में कहा था कि केस डायरी जो विवेचक ने लिखी है। उसमें गवाह के द्वारा दिए गए कागजातों को एकत्र कर विवेचना में शामिल कर पेश किए जाने का अंकन किया गया है। मगर यह पत्रावली पर उपलब्ध कागजातों में शामिल नहीं है।
ऐसी स्थिति में इसका स्पष्टीकरण देने के लिए विवेचक को तलब किया जाना आवश्यक है। अदालत ने विवेचक भारत रत्न वार्ष्णेय को आदेश दिया था कि न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर इस संबंध में अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। कोर्ट ने विवेचक का स्पष्टीकरण जानने के बाद मामले की सुनवाई के लिए 28 मार्च की तिथि नियत कर दी।