सुप्रीम कोर्ट ने सजा को निलंबित करते हुए फिर से सुनवाई के लिए मामले को हाइकोर्ट वापस भेज दिया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुई सुनवाई के बाद अदालत ने चार जुलाई को फैसला सुरक्षित किया था। अफजल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल स्वरूप चतुर्वेदी, दयाशंकर मिश्रा और उपेंद्र उपाध्याय ने बहस करते हुए तर्क दिया था कि कृष्णानंद राय हत्याकांड के कारण शुरू हुए गैंगस्टर की कार्रवाई अवैधानिक है, क्योंकि अफजाल अंसारी कृष्णानंद राय हत्याकांड से बरी हो चुके हैं।