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प्रमोशन के लिए एमएनएनआईटी कर्मियों का प्रदर्शन

Tue, 24 May 2016 02:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) में भी कर्मचारियों का धरना-प्रदर्शन शुरू हो गया है। प्रमोशन समेत चार सूत्रीय मांग को लेकर उन्हाेंने सोमवार को निदेशक दफ्तर के सामने प्रदर्शन किया। निदेशक के साथ वार्ता में उनकी कई मांगें माने जाने का दावा किया जा रहा है। मांग पूरी नहीं होने पर उन्होंने दो-तीन दिन बाद तेज आंदोलन की चेतावनी दी।
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कर्मचारियों का कहना था कि संस्थान में 2002 से कोई प्रमोशन नहीं हुआ है। 2008 में प्रमोशन पर रोक लगाई गई थी, लेकिन 2010 में रोक हटा ली गई। इसके बाद भी प्रमोशन नहीं हुआ। वार्ता के बाद कर्मचारियों का कहना था कि निदेशक ने बताया कि  भारत सरकार ने सभी एनआईटी कर्मियों से संबंधित विवाद को निपटारे के लिए कमेटी बनाई है। उसकी रिपोर्ट आने के बाद ही प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। संस्थान में चतुर्थ श्रेणी के सभी पदों को अटेंडेंट पदनाम दे दिया गया है। हालांकि, निदेशक ने आश्वासन दिया कि उनके कार्य के अनुसार उन्हें पदनाम दिया जाएगा। कर्मचारी सहायक कुलसचिव के दो पदों तथा सुरक्षा अधिकारी के पद पर भी कर्मचारियों को प्रमोट करने की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि  निदेशक ने सभी मांग पर सकारात्मक रुख दिखाया है। यदि दो-तीन दिनों में आदेश जारी नहीं हुआ तो फिर आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। कर्मचारियों ने कर्नल संजीव बनर्जी को रजिस्ट्रार के पद से हटाए जाने पर भी आपत्ति दर्ज कराई। धरना-प्रदर्शन में कर्मचारी संघ के हसन इकलाक मलिक, विनोद कुमार मिश्र, गिरिजा शंकर मौर्य, शैलेंद्र गौड़, मोहम्मद शाकिब, श्याम बाबू आदि शामिल रहे।

हटाए जाने के विरोध में कोर्ट जाएंगे रजिस्ट्रार
एमएनएनआईटी के रजिस्ट्रार पद से हटाए जाने के विरोध में कर्नल संजीव बनर्जी न्यायालय जाएंगे। कार्य से असंतुष्ट संस्थान के बोर्ड ऑफ गनर्वेंस (बीओजी) ने उन्हें पद से हटा दिया है। उनसे चार्ज भी ले लिया गया है, लेकिन कर्नल संजीव ने सभी आरोपों का खंडन किया है। उनका कहना है कि संस्थान में बहुत कुछ गड़बड़ चल रहा है। उस पर पर्दा डालने के लिए उन्हें हटा गया। उनका कहना है कि इससे पहले उन्हें कोई चार्जशीट भी नहीं दी गई। बीओजी के इस आदेश के खिलाफ उन्होंने कोर्ट जाने की बात कही।
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