अधिकारी बोले- साक्ष्य उपलब्ध कराने पर दर्ज होगी रिपोर्ट
भाजपा एमएलसी सुरेंद्र चौधरी और बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार अग्रवाल के बीच हुए विवाद के मामलेे में दूसरे दिन भी रिपोर्ट नहीं दर्ज की जा सकी। घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर दी थी। जार्जटाउन पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों से साक्ष्य उपलब्ध कराने को कहा गया है। साक्ष्य मिलने के बाद रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
एक्सईएन ने आरोप लगाया था कि उन्हें दफ्तर से घसीट कर लात-घूंसों से जमकर पीटा गया। कुर्सी से घसीटकर पीटते हुए बाहर लाया यगा। विरोध पर कर्मचारियों को भी पीटा गया। मोबाइल भी छीन लिए गए और घटना की वीडियो रिकार्डिंग नष्ट करवा दी गई। उधर एमएलसी ने एक्सईएन पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए अभद्रता करने समेत अन्य आरोप लगाए थे।
शुक्रवार को थाने में देर रात तक पंचायत चलती रही। शनिवार को भी मामला नहीं दर्ज किया जा सका। पुलिस सूत्रों का कहना है कि मामले में एक्सईएन से घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग मांगी गई थी तो उन्होंने बताया कि हमलावरों ने मोबाइल छीनकर वीडियो रिकॉर्डिंग डिलीट कर दी थी।
इस पर उनसे मोबाइल मांगा गया ताकि डाटा रिकवर कराया जा सके। लेकिन मोबाइल उपलब्ध नहीं कराया गया। उधर दूसरे पक्ष की ओर से भी कोई साक्ष्य पुलिस को नहीं सौंपा गया। मामला जनप्रतिनिधि और बिजली विभाग के अफसर से जुड़ा है, ऐसे में साक्ष्य मिलने का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद ही रिपोर्ट दर्ज होगी। सीओ कर्नलगंज अजीत सिंह चौहान का कहना है कि जांच पड़ताल की जा रही है।
बिजली कर्मियों ने चीफ इंजीनियर को बताई अपनी पीड़ा, कहा-हम सब असहाय
टैगोर टाउन के एक्सईएन की पिटाई की घटना के दूसरे दिन शनिवार को अभियंताओं और बिजली कर्मचारियों ने मुख्य अभियंता विनोद गंगवार को मार्मिक पत्र लिखा। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से बेजे घए इस पत्र में बिजली कर्मियों ने अपनी पीड़ा जाहिर की है।
संयुक्त संघर्ष समिति ने कहा है कि एमएलसी सुरेंद्र चौधरी ने एक्सईएन के साथ मारपीट करने के अलावा मोबाइल छीनने और जबरन अपनी गाड़ी में बैठाकर बाहर ले जाने का अफसोसजनक कृत्य किया।लेकिन, इस मामले में पूर्वांतचल विद्युत वितरण निगम के एमडी के हस्तक्षेप के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। संघर्ष समिति के क्षेत्रीय अध्यक्ष और सचिव ने कहा है कि अफसर की पिटाई की इस घटना से बिजली विभाग के सभी अधिकारी, कर्मचारी अपने को असुरक्षित और असहाय महसूस कर रहे हैं।
संघर्ष समिति ने चेताया है कि अगर एफआईआर नहीं हुई तो विद्युत संबंधी किसी गड़बड़ी को दूर नहीं की जाएगी। साथ ही विरोध दर्ज कराते हुए विभागीय सीयूजी नंबर को मुख्य अभियंता को हस्तांतरित कर दिया जाएगा। इस दौरान अगर किसी अभियंता और कर्मचारी से जोर -जबरदस्ती की गई तो किसी भी तरह की अशांति के लिए जिला प्रशासन और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम प्रबंधन जिम्मेदार होगा।
एक्सईएन के आरोप मनगढ़ंत, भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच हो:एमएलसी
एमएलसी सुरेंद्र चौधरी ने शनिवार को अधिशासी अभियंता मनोज कुमार अग्रवाल पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाया। कहा कि वह लगातार मारपीट, अभद्रता के झूठे और मनगढ़ंत आरोप लगाकर अपनी करतूतों पर परदा डालने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मारपीट के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने का भी सरकार से आग्रह किया।
एमएलसी ने बताया कि एक्सईएन मनोज अग्रवाल के खिलाफ रिश्वतखोरी की शिकायतें मिल रही थीं। उनकी ओर से जनता को लगातार परेशान किया जाता रहा है। इतना ही नहीं वह फोन भी नहीं उठाते हैं। फोन न उठाने के कारण ही वह उनके कार्यालय सही स्थिति का पता करने गए थे। एमएलसी ने कहा कि शासन का स्पष्ट निर्देश है कि जनप्रतिनिधियों को आवंटित सीयूजी नंबर वाले फोन अफसर तत्काल उठाएं और 24 घंटे के भीतर कार्रवाई से अवगत भी कराएं, लेकिन एक्सईएन ने उनका फोन तक उठाना जरूरी नहीं समझा।
क्या था मामला
मेहंदौरी कॉलोनी में शकीबा खातून के घर बिजली चोरी पकड़ने पर कनेक्शन काट दिया गया था। एक्सईएन का कहना है कि एमएलसी कनेक्शन जोड़ने का दबाव बनाते हुए जांच कराने, देख लेने की धमकी दी। साथ ही अगले दिन 15 समर्थकों के साथ दफ्तर में आकर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए कुर्सी से घसीटा और मोबाइल छीनकर लात-घूंसों से पीटा।