जल्द ही फिर दर्ज किए जाएंगे बयान
पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर वादिनी की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई थी और ऐसे में मामले में अंतिम रिपोर्ट लगा दी गई थी। इस अंतिम रिपोर्ट को मुकदमा वादिनी की ओर से कोर्ट में चुनौती दी गई। जिस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने अंतिम रिपोर्ट को अस्वीकार करते हुए पुनर्विवेचना का आदेश दिया है। जिसके बाद अब मुकदमे की विवेचना फिर से की जाएगी। सीओ कर्नलगंज अजीत सिंह चौहान ने बताया कि वादी, गवाह व आरोपियों का बयान जल्द ही फिर से दर्ज किया जाएगा।
इंस्पेक्टर की भूमिका की चल रही है जांच
गौरतलब है कि असिस्टेंट प्रोफेसर मदन को जिस मुकदमे में जेल भेजा गया है, उसमें हंडिया थाने के पूर्व प्रभारी इंस्पेक्टर बृजेश यादव का भी नाम शामिल है। फिलहाल मुकदमा दर्ज होने केबाद से लेकर अबतक उसे गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। अफसरों का कहना है कि मामले में उसकी संलिप्तता की जांच चल रही है। इस मामले में पूर्व सर्विलांस प्रभारी संजय सिंह यादव, तत्कालीन हंडिया इंस्पेक्टर बृजेश यादव व जार्जटाउन इंस्पेक्टर शिशुपाल शर्मा समेत आठ पुलिसकर्मी भी निलंबित किए जा चुके हैं।