शहरी क्षेत्र में 2500 वर्ग मीटर के खेल मैदान वाले प्रदेश के सभी राजकीय बालिका इंटर कॉलेजों और राजकीय इंटर कॉलेजों में मिनी स्टेडियम बनाए जाएंगे। प्रत्येक मिनी स्टेडियम के निर्माण पर करीब पांच करोड़ रुपये खर्च होंगे। अपर निदेशक राजकीय ने ऐसे कॉलेजों से प्रस्ताव मांगे हैं।
वर्तमान में प्रदेश के 44 काॅलेजों में मिनी स्टेडियम का निर्माण कार्य प्रगति पर है। हाल ही में शासन से 19 करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त हुई है। शिक्षा निदेशालय के अनुसार, प्रदेश में 530 राजकीय इंटर कॉलेज और 444 राजकीय बालिका इंटर कॉलेज हैं। इसके अतिरिक्त 711 राजकीय हाईस्कूल (बालक) और 777 राजकीय हाईस्कूल (बालिका) भी संचालित हैं।
प्रयागराज, औरैया, कानपुर देहात, कन्नौज और फर्रुखाबाद सहित दस जिलों में खेल मैदान के लिए जमीन उपलब्ध नहीं है। वहीं, सीतापुर, ललितपुर, जालौन, लखनऊ, हरदोई, अयोध्या, बरेली, गोरखपुर और देवरिया सहित करीब 35 जिलों में निर्माण कार्य तेजी से जारी है। वर्ष 2024-25 में 23 और वर्ष 2025-26 में 21 मिनी स्टेडियम बनाने की संस्तुति के बाद निर्माण कार्य चल रहा है।
प्रस्तावित इंडोर खेल
माध्यमिक स्कूलों में कुल 20 तरह के इंडोर खेल हैं। इनमें से आठ खेलों को मिनी स्टेडियम के लिए प्रस्तावित किया गया है। इन प्रस्तावित खेलों में बैडमिंटन, हैंडबॉल, वॉलीबॉल और बास्केटबॉल शामिल हैं। खो-खो, कबड्डी और जूडो-कराटे भी इन आठ खेलों प्रदेश के 44 कॉलेजों में मिनी स्टेडियम बनाने का कार्य प्रगति पर है। अन्य कॉलेजों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। प्रस्ताव आने के बाद मिनी स्टेडियम बनाए जाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। -मनोज कुमार द्विवेदी, अपर निदेशक (बेसिक) एवं कार्यवाहक एडी राजकीय