भजन गायिका तृप्ति शाक्या कहती हैं कि आज मैं जो कुछ भी हूं उन्हीं राम की कृपा से हूं। जबसे राम का गुणगान किया..तबसे मेरा जीवन बदल गाया। आज मुझे लोग राम के गुणगान के लिए दुनियाभर से बुलाते हैं। बहुत गर्व महसूस करती हूं कि मेरा नाम प्रभु राम के साथ जुड़ा हुआ है।
प्रख्यात भजन गायिका तृप्ति शाक्या कहती हैं कि जिधर देखती हूं, उधर राम ही राम हैं। मेरे लिए राम मेरे जीवन का आधार हैं। मेरे मार्ग दर्शक हैं। मेरी खुशी हैं...मेरा सब कुछ हैं। राम हैं तो सब कुछ है। राम नहीं तो कुछ भी नहीं है। राम मेरे अंदर हैं। राम सबके अंदर हैं। राम इस ब्रह्मांड के कण-कण में हैं। मैं सोते जागते हर पल हर क्षण राम को अपने साथ देखती हूं।
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एक मई 1999 को सड़क दुर्घटना के बाद मुझे एक महीने अस्पताल में रहना पड़ा। पैर में दो-दो ऑपरेशन हुए। स्टील की रॉड ऑपरेशन करके पैर में डाली गईं। मैं पूरे चार महीने बिस्तर पर पड़ी रही। मेरा संगीत छूट गया, प्रोग्राम बंद हो गए। बहुत कष्ट से मैंने वो पांच महीने बिताए। डरती थी कि कभी स्टेज पर खड़े होकर गा पाऊंगी भी कि नहीं। उस मुश्किल घड़ी में मैंने सिर्फ राम का ध्यान किया और अपने आपको राम के हवाले कर दिया।
जनवरी 2000 में मुझे टी सीरीज से कॉल आया कि अर्जेंट रिकॉर्डिंग के लिए दिल्ली आ जाइए। रिकॉर्डिंग करते समय मैं बहुत खुश थी, क्योंकि लगभग नौ महीने बाद मुझे दोबारा गाने का मौका मिला। वो ऑडियो कैसेट रिलीज हुई। वो कैसेट थी... ''''कभी राम बनके कभी श्याम बनके चले आना...''''
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आज मैं जो कुछ भी हूं उन्हीं राम की कृपा से हूं। जबसे राम का गुणगान किया..तबसे मेरा जीवन बदल गाया। आज मुझे लोग राम के गुणगान के लिए दुनियाभर से बुलाते हैं। बहुत गर्व महसूस करती हूं कि मेरा नाम प्रभु राम के साथ जुड़ा हुआ है। ''''कभी राम बनके ...'''' एल्बम मेरे जीवन का टर्निंग पॉइंट बन गया। इस एल्बम के बाद लोगों ने मुझे भजन गायिका की उपाधि दी। यह मेरे लिए परम सौभाग्य की बात है। ईश्वर के साथ नाम जुड़ना बहुत किस्मत की बात है। आज अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर देख कर बहुत हर्षित हूं, बहुत उत्साहित हूं।