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लोहे का पंच मारकर तोड़ दिए एमबीबीएस के छात्र के दांत

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मारपीट - फोटो : अमर उजाला
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फतेहगंज पश्चिमी के राजश्री मेडिकल कॉलेज में साथ पढ़ने वाले छात्र ने किया हमला
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घायल छात्र की तहरीर पर 24 घंटे तक पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की
एडीजी को ट्वीट करने के मंगलवार शाम को दर्ज हुई एफआईआर
फतेहगंज पश्चिमी। राजश्री मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सेकेंड ईयर में पढ़ रहे दिल्ली के सद्दाम हुसैन के साथ उसके ही सहपाठी कृष्ण यादव ने बेरहमी से मारपीट की और मुंह पर लोहे का पंच मारकर उसके दांत तोड़ दिए। लहूलुहान सद्दाम के थाना फतेहगंज पश्चिमी में तहरीर दिए जाने के बाद पुलिस ने उसका मेडिकल कराया लेकिन रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय समझौता कराने की कोशिश में लगी रही। एडीजी को ट्वीट किए जाने पर 24 घंटे बाद इस मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
दिल्ली के जाफराबाद इलाके में रहने वाले सद्दाम हुसैन राजश्री मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सेकेंड ईयर की पढ़ाई कर रहे हैं। पुलिस को दी तहरीर में सद्दाम ने कहा है कि मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेने के बाद से ही कृष्ण यादव नाम का उनका सहपाठी उन्हें परेशान कर रहा था। सोमवार शाम करीब चार बजे वह कैंपस में खड़े थे। इसी बीच वहां पहुंचे कृष्ण यादव ने उनके साथ गालीगलौज शुरू कर दिया।
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सद्दाम के मुताबिक उन्होंने गालीगलौज का विरोध किया तो कृष्ण ने लोहे का पंच उनके मुंह पर मारकर उनके दो दांत तोड़ दिए। घायल होकर जमीन पर गिरने के बाद भी वह उन्हें लात-घूंसों से पीटता रहा। दूसरे छात्रों के बीचबचाव करने के बाद कृष्ण यादव उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से चला गया।
पुलिस ने तहरीर देने के बाद घायल सद्दाम को मेडिकल के लिए जिला अस्पताल भेजा। मंगलवार शाम तक पुलिस ने उनकी तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की। लिहाजा उन्होंने एडीजी को ट्वीट करके कार्रवाई की मांग की और जिला अस्पताल से ही अपने घर चले गए। एडीजी को ट्वीट किए जाने के बाद पुलिस ने मंगलवार शाम रिपोर्ट दर्ज की।
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आरोपी छात्र पर कार्रवाई के बजाय समझौता कराने की कोशिश करता रहा कॉलेज प्रबंधन
समझौते के इंतजार में रिपोर्ट दर्ज करने से रुकी रही पुलिस
थाना प्रभारी राहुल सिंह के मुताबिक घायल छात्र का मेडिकल तहरीर मिलते ही करा दिया गया था लेकिन कॉलेज प्रबंधन दोनों के बीच समझौता कराने की कोशिश कर रहा था, इसी वजह से रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई थी। बताया जाता है कि इस बीच घायल छात्र पर भी समझौता करने का दबाव डाला गया। इसी कारण वह अपने घर लौट गया। समझौता होने के इंतजार पुलिस मंगलवार शाम तक मामले को टालती रही। पीड़ित के एडीजी को ट्वीट करने के बाद रिपोर्ट दर्ज की गई।
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