शहर में सोमवार आधी रात आई तेज आंधी ने बिजली-पानी की आपूर्ति ठप कर दी। कई जगह पेड़ गिर जाने से बिजली के तार टूटकर गिर पड़े। आधे शहर में रात भर अंधेरा छाया रहा तो पुराने शहर में मंगलवार को दिन भी में आपूर्ति ठप रही। हालांकि न्यूनतम तापमान में सात डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और रात में गर्मी से थोड़ी राहत मिली लेकिन दिन के वक्त उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया। ऐसे में बिजली-पानी की आपूर्ति ठप हो जाने से दिक्कत और बढ़ गई। पुराने शहर में लोकल फॉल्ट होने के कारण शाम तक समस्या बनी रही।
आंधी के कारण सिविल लाइंस में महात्मा गांधी मार्ग पर होटल हर्ष के सामने पेड़ वहां खड़ी एक कार पर गिर पड़ा, जिससे कार क्षतिग्रस्त हो गई। इसी तरह डीआईजी ऑफिस के सामने भी पेड़ गिर पड़ा। शहर के कई अन्य इलाकों में भी पेड़ की डालियां टूटकर बिजली के तारों पर गिर पड़ीं। एहतियान पूरे शहर की बिजली काट दी गई। आंधी थमने के बाद आधे शहर की आपूर्ति तो बहाल कर दी गई लेकिन बाकी हिस्से में तार टूट या किसी दूसरी खराबी के कारण अंधेरा छाया रहा। करेली, कल्याणीदेवी, अकबरपुर, काला डांडा, हिम्मतगंज, बेनीगंज, लूकरगंज, खुल्दाबाद, रोशनबाग, लोकनाथ, मोहत्मिगंज समेत कई इलाकों में मंगलवार सुबह तक आपूर्ति ठप रही। बिजली न होने के कारण पानी का संकट भी बना रहा। वहीं, दारागंज, बैरहना सहित शहर उत्तरी के कई इलाकों में मंगलवार शाम को भी बिजली-पानी का संकट बना रहा।
मीरापुर में ललिता देवी मंदिर के पास लगा 630 केवीए का ट्रांसफार्मर मंगलवार सुबह फुंक गया। देर रात तक क्षेत्र में आपूर्ति ठप रही और बिजली न होन से लोगों को पानी भी नहीं मिला। हालांकि आंधी के बाद पारे ने थोड़ी राहत दी। न्यूनतम तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस से लुढ़ककर 23.4 डिग्री पर पहुंच गया। वहीं, अधिकतम तापमान में भी एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम पारा 39.2 डिग्री रहा। मौसम विज्ञानी डॉ. सुनीत द्विवेदी के अनुसार तीन दिन पहले आंध्र प्रदेश और उड़ीसा के तटीय इलाकों में आए चक्रवात का ही प्रभाव यहां आंधी के रूप में दिखा। अनुमान है कि दिन और रात के पारे में अंतर कम होता जाएगा। उमस बढ़ेगी लेकिन अच्छे मॉनसून के लिए यह जरूरी भी है।