12 अक्तूबर को होगी मामले की अगली सुनवाई
याची धीरज के वकील ने वाहन रिलीज करने की अर्जी की सत्यता पर सवाल उठाया तो कोर्ट के निर्देश पर सरकारी वकील ने मूल अर्जी पेश की। बिना तारीख की इस अर्जी के जवाब में याची के वकील ने 29 मार्च 2017 को जारी मृत्यु प्रमाण पत्र कोर्ट के सामने रख दिया। इससे यह साफ हो गया कि वाहन मालिक शिवनाथ की मृत्यु 8 फरवरी 2017 को ही हो चुकी थी।
वाहन मालिक शिवनाथ की ओर से 2020 में जब्ती के बाद अपराध स्वीकारने के इस अजीब दावे पर हाईकोर्ट हैरान रह गया। सुनवाई के दौरान यह बात भी सामने आई कि पुलिस चौकी में खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली का सारा कीमती सामान गायब हो चुका है। अब वहां केवल गाड़ी का ढांचा ही बचा है। इस पर संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने खनन अधिकारी और जिलाधिकारी से सीज सामानों की रख-रखाव प्रक्रिया, ट्रैक्टर के वर्तमान मूल्य, जब्ती के बाद गाड़ी के संरक्षण के लिए उठाए गए कदमों और फर्जी अर्जी के आधार पर की गई कार्रवाई पर स्पष्ट रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 12 अक्तूबर 2026 को होगी।