नया गुरु नहीं, बनाते हैं गुरु भाई
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने निरंजनी अखाड़ा के माहात्म्य के बारे में भी विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि निरंजनी अखाड़ा के संत देव सेनापति कार्तिकेय का अनुसरण करते हैं। इसके अलावा यहां दीक्षा लेने के बाद सभी को गुरु भाई बनाया जाता है। यहां किसी को अलग से नया गुरु बनाने की कोई परंपरा नहीं है। हम सबके गुरु निरंजन देव जी हैं।
तीन साल की मेहनत का श्रद्धालुओं को मिलेगा प्रसाद
महाकुंभ की तैयारियों को लेकर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की ओर से वर्षों पूर्व तैयारी शुरू हो जाती है। इस बार के महाकुम्भ को लेकर तीन साल पहले से ही योजनाएं शुरू कर दी गईं। यहां महाकुंभ में भक्तों के प्रसाद के लिए करीब तीन साल पहले से ही जरूरी संसाधन जुटाए जाने लगे। जिसमें देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ और स्वादिष्ट प्रसाद का इंतजाम किया गया है। जिसमें पांच पांच हजार लोग एक पंक्ति में बैठकर महाकुंभ के पवित्र प्रसाद का आनंद लेंगे।
1008 कुंडीय यज्ञ, जड़ी-बूटियों की सुगंध से महक उठेगा समूचा महाकुंभ
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने बताया कि इस बार के महाकुंभ को दिव्य और भव्य बनाने के लिए साधु संत भी बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। संपूर्ण मेला क्षेत्र सुगंधित जड़ी बूटियों के हवन से महक उठेगा। यहां सभी सनातनी एकत्र होने जा रहे हैं। महाकुंभ में दुनिया भर के संत महात्माओं का आगमन हो रहा है। जिसके लिए यज्ञ के माध्यम से संपूर्ण वायुमंडल को सुगंधित बनाए जाने की तैयारी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लेंगे सनातन बोर्ड के गठन पर फैसला
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने बताया कि आगामी 26 जनवरी को महाकुंभ में धर्म संसद का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें देश भर के प्रमुख साधु संत हिस्सा लेंगे। यहीं से सनातन बोर्ड के गठन का प्रस्ताव तैयार होगा। जिसे केंद्र सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। हम चाहते हैं कि जो भी बोर्ड बने वह केंद्र सरकार से मान्यता प्राप्त हो। साथ ही हमारी कोशिश है कि इस बोर्ड में कोई भी त्रुटि नहीं होनी चाहिए। 26 जनवरी को संगम की रेती पर चारों पीठ के शंकराचार्य, 13 अखाड़ों के प्रमुख संतों और अन्य धर्माचार्यों को आमंत्रित किया जाएगा।