सुरक्षा व्यवस्था में उपयोग करने वाले उपकरणों की संख्या में भी भारी वृद्धि की जा रही है। इसमें लगभग पांच किलोमीटर डीप वाटर बैरिकेडिंग मयजाल व लंगर, पांच किमी रिवर लाइन, दो फ्लोटिंग रेस्क्यू स्टेशन मय कंट्रोल रूम, 20 वाटर स्कूटर की व्यवस्था रहेगी।
महाकुंभ 2025 में भीड़ की अपेक्षित संख्या के मद्देनजर जल पुलिस की विशेष व्यवस्था की जा रही है। पिछले कुंभ के सापेक्ष पीएसी, गोताखोरों और जल पुलिस की संख्या डेढ़ से दोगुनी की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को अचूक एवं बेहतर बनाने के लिए पिछले कुंभ के सापेक्ष गोताखारों की संख्या 190 से बढाकर 300 की जा रही है। इसी तरह बाढ़ राहत पीएसी कंपनी को भी आठ से बढ़ाकर 10, एनडीआरएफ कंपनी को दो से बढ़ाकर चार और एसडीआरएफ कंपनी को एक से बढ़ाकर चार किया जा रहा है।
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बता दें कि एक एनडीआरएफ और एसडीआरएफ कंपनी में 29 लोग होते हैं। इसके अतिरिक्त होमगार्ड तैराकों की संख्या 200 से बढ़ाकर 400 की जा रही है। साथ ही अन्य पुलिस बल के लगभग 500 तैराक भी लगाए जाएंगे।
सुरक्षा व्यवस्था में उपयोग करने वाले उपकरणों की संख्या में भी भारी वृद्धि की जा रही है। इसमें लगभग पांच किलोमीटर डीप वाटर बैरिकेडिंग मयजाल व लंगर, पांच किमी रिवर लाइन, दो फ्लोटिंग रेस्क्यू स्टेशन मय कंट्रोल रूम, 20 वाटर स्कूटर की व्यवस्था रहेगी।
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साथ ही 25 हार्सपॉवर के छह मरकरी इंजन और 50 हार्सपावर के पांच मरकरी इंजन, चार वाटर एंबुलेंस, 10 लकडी वाली चापू नाव, 18 रिचार्जेबल मोबाइल रिमोट एरिया लाइटिंग सिस्टम, 04 एनाकोंडा मोटरबोट मय चेंजिंग रूम, तीन जेटी मय गैंग व रेलिंग सहित 20 डाइविंग किट मय मॉस्क व एक अदद कंप्रेशर मशीन सहित 200 लाइफ ब्वाय, 300 लाइव जैकेट, 200 रेस्क्यू ट्यूब, 200 थ्रो बैग और 25 आस्का लाइट की व्यवस्था की जा रही है।