इसके तहत 24 फरवरी को स्वच्छता का रिकॉर्ड बनाया जाएगा। मेला प्रशासन की ओर से कुंभ 2019 में 10 हजार सफाई कर्मियों को एक साथ सड़क पर उतारकर स्वच्छता का रिकॉर्ड बनाया गया था। इस बार इसी रिकॉर्ड को तोड़ा जाएगा। 24 फरवरी को 15 हजार स्वच्छता कर्मचारी एक साथ सफाई अभियान चलाएंगे।
इसके लिए उन मार्गों को चुना जाएगा जिन पर स्नानार्थियों का आवागमन पहले से प्रतिबंधित हैं। इनमें अरैल में हेलीपैड मार्ग, परेड में लाल सड़क आदि शामिल हैं। इसके अलावा अखाड़े चले गए हैं। ऐसे में अखाड़ा मार्ग पर भी सफाई कराने की तैयारी है।
मेला प्रशासन की ओर से कुंभ 2019 में साढ़े सात हजार लोगों के हैंड प्रिंट लेने का रिकॉर्ड बनाया गया था। इस तरह से मेला प्रशासन इस बार अपना ही रिकॉर्ड तोड़ेगा।
25 फरवरी को ही शटल बसों के संचालन का भी विश्व रिकॉर्ड बनाया जाएगा। कुंभ 2019 में 500 बसों के संचालन का रिकॉर्ड बनाया गया था। वहीं इस बार साढ़े पांच सौ से अधिक शटल बसों के संचालन की योजना बनाई गई है। इसके लिए परिवहन विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है।
पूर्व में ई-रिक्शा संचालन का रिकॉर्ड बनाने की थी योजना
मेला प्रशासन की ओर से पूर्व में एक साथ एक हजार ई-रिक्शा संचालन का विश्व रिकॉर्ड बनाने की योजना बनाई गई थी। इसके लिए त्रिवेणी मार्ग चिह्नित किया गया था लेकिन अब इसमें बदलाव किया गया है। अब 550 शटल बसों के संचालन का विश्व रिकॉर्ड बनाने की योजना बनाई गई है।