प्रशासन के ऊपर भेदभाव के आरोप भी लगे
साधारण व्यवस्था में रह रहे तपस्वी संत को क्या आदर, सत्कार, व्यवस्था दे पा रहे हैं? क्योंकि इन सभी की प्रसन्नता और आशीर्वाद से ही कुंभ की व्यवस्था संपन्न और सफल होती है। प्रशासन को लगता रहा कि कुछ विशेष राजनीतिक और आर्थिक प्रभाव संपन्न साधु संत ही विशेष होते हैं।