केंद्र सरकार का आम बजट जारी होने के बाद प्रयागराज महाकुंभ के लिए शासन की शीर्ष समिति की बैठक में 120.75 करोड़ रुपये की 30 परियोजनाओं को मंजूरी दे दी गई है। लखनऊ में मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में महाकुंभ के लिए जरूरी परियाेजनाओं पर चर्चा करने के बाद शीर्ष समिति ने मंजूरी दे दी।
इसमें स्वास्थ्य विभाग की सर्वाधिक 19 परियोजनाएं रहीं। इन परियोजनाओं के लिए शासन ने 58.23 करोड़ रुपये जारी किए। शीर्ष समिति की बैठक में बजट जारी होने के बाद अब महाकुंभ से जुड़े शेष कार्य तेज गति से किए जा सकेंगे। बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि महाकुंभ-2025 क्लीन और ग्रीन होना चाहिए।
मेला क्षेत्र में जो शौचालय स्थापित किए जाने हैं उसकी सफाई प्रतिदिन होनी चाहिए। इसके लिए थर्ड पार्टी से निरीक्षण भी कराया जाएगा। गंगा में दूषित जल प्रवाहित न हो इसके लिए शत प्रतिशत घरों को सीवर लाइन से जोड़ने की कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर को नया रूप देने के लिए भित्ति चित्र, जंक्शन डिजाइन, सोलर स्ट्रीट लाइट की स्थापना, बागवनी के माध्यम से सौंदर्यीकरण आदि कार्य करवाए जाएं।
कई परियोजनाओं की लागत को मिली स्वीकृति
बैठक में मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज की दो परियोजनाओं के लिए कुल 25.84 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई। इस राशि से कॉलेज का विस्तार किया जाएगा। पर्यटन विभाग के लिए 3.51 करोड़ की लागत से एक परियोजना, प्रयागराज विकास प्राधिकरण की 7.89 करोड़ की एक योजना, उद्यान विभाग की तीन परियोजनाओं के लिए 7.5 करोड़, सीएंडडीएस की दो परियोजनाओं के लिए 12.49 करोड़, जल निगम की एक परियोजना के लिए 5.23 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली।
शासन ने प्रयागराज, प्रतापगढ़, फतेहपुर, कौशाम्बी जिलों में सीएचसी व पीएचसी के लिए 21.24 करोड़ रुपये जारी किए हैं। स्वास्थ्य विभाग उपकरणों को रखने के लिए तेलियरगंज में एक वेयर हाउस भी बनाने जा रहा है। बैठक में डीजीपी प्रशांत कुमार, प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात, प्रमुख सचिव पर्यटन मुकेश मेश्राम, प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग अजय चौहान, मेलाधिकारी विजय किरन आनंद आदि मौजूद रहे।