किस आधार पर किया गया था अवमुक्त, होगी जांच
यह वह वक्त था जब राजू पाल हत्याकांड के बाद माफिया ने हर तरफ अपना खौफ कायम कर लिया था और लगातार आपराधिक वारदातें अंजाम दे रहा था। सवाल यह है कि पुश्तैनी संपत्ति न होने के बावजूद उसने कौन से ऐसे साक्ष्य दिए, जिनके आधार पर संपत्तियां रिलीज कर दी गईं। फिलहाल पुलिस ने अब इन संपत्तियों के संबंध में दोबारा जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
पुलिस अफसरों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि जिस समय यह संपत्तियां बनाई गईं, उस वक्त माफिया की आय का स्रोत क्या था। इसके लिए उसका आयकर रिटर्न व अन्य विवरण भी देखा जा रहा है। विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर एक बार फिर से इन संपत्तियों को कुर्क किए जाने की रिपोर्ट प्रेषित की जाएगी।
संपत्तियों में चार जमीनें व एक मकान
1- ग्राम रहीमाबाद ऐनुद्दीनपुर करेली स्थित भूमि
2- नसीरपुर सिलना थाना धूमनगंज स्थित भूमि
3- दोंदीपुर, सदर तहसील स्थित भूमि
4- ग्राम रसूलाबाद चायल कौशाम्बी स्थित भूमि
5- गोमती नगर विशालखंड स्थित मकान
24 साल तक आयकर रिटर्न निल
सबसे खास बात यह है कि अतीक लगातार संपत्तियां बनाता गया। अपने नाम पर उसने मकान व जमीनें खरीदीं लेकिन उसका आयकर रिटर्न लगातार 24 सालों तक निल रहा। यानी इन 24 सालों में उसने कभी भी आयकर रिटर्न नहीं भरा। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब उसने अपनी आय का स्रोत ही नहीं बताया तो किन साक्ष्यों के आधार पर गैंगस्टर में कुर्क संपत्तियों को रिलीज किया गया।