इस बार माघ मेले में घूमना-फिरना महंगा पड़ सकता है। सोमवार को प्रशासन ने मेला क्षेत्र में दुकानों और झूलों की नीलामी की। पिछले साल के मुकाबले इस बार दोगुने दाम में दुकानों और झूलों की नीलामी हुई। मीना बाजार के लिए भी अधिक बोली लगी। ऊंची बोली लगाने वाले इसकी भरपाई ग्राहकों से करेंगे। ऐसे में पिछले साल के मुकाबले इस बार मेले में झूले का टिकट और वस्तुओं की कीमत में काफी इजाफा हो सकता है।
माघ मेले में परेड मैदान की ओर मीना बाजार लगता है। इसके अलावा छोटे-बड़े झूले और मनोरंजन के अन्य संसाधन भी वहां उपलब्ध होते हैं। इस मेले में शहरियों की भीड़ अधिक होती है। रोज लाखों की खरीदारी होती है। ऐसे में वहां दुकान और झूले आदि के आवंटन में प्रशासन नीलामी कराता है। सोमवार को मेले में नीलामी की प्रक्रिया शुरू हुई। मेले में बड़े झूले के लिए पिछले साल 30 लाख रुपये तक की बोली लगी थी।
इस बार 70 लाख रुपये में इसकी नीलामी हुई। इसी तरह पिछले साल जो झूला 2.15 लाख रुपये में नीलाम हुआ था, इस बार 10 लाख रुपये में उसकी नीलामी हुई। इसी तरह मीना बाजार में लगने वाली दुकानों की नीलामी पिछले साल के मुकाबले अधिक दाम पर हुई। परेड के अलावा संगम क्षेत्र की ओर से भी दुकानों की नीलामी की गई और यह भी गत वर्ष की तुलना में अधिक रही। प्रभारी अधिकारी माघ मेला आशीष कुमार मिश्र ने बताया कि 80 फीसदी दुकानों की नीलामी हो गई है और नीलामी की बोली पिछले वर्ष से अधिक रही।