Prayagraj News : माघ मेला।
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संतों का कहना था कि बद्रिकाश्रम का ही दूसरा नाम ज्योतिष्पीठ है और यह संस्था हिमालय उत्तराखंड की है। ऐसे में शिविर के आगे प्रयागराज नहीं, हिमालय ही लिखा जाएगा। अंतत: बद्रिकाश्रम के विकल्प पर सहमति बनने के बाद सुविधा पर्ची जारी कर दी गई। इसी के साथ मेले में त्रिवेणी मार्ग पर ज्योतिष्पीठ और द्वारका पीठ के शिविर लगाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
ब्रह्मचारी श्रीधरानंद ने सुविधा पर्ची जारी होने की पुष्टि की। बताया कि मंगलवार को भूमि पूजन होगा। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के फैसले के क्रम में इस बार प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने माघ मेले में ज्योतिष्पीठ की भूमि आरक्षित कर ली थी। इसे लेकर ज्योतिष्पीठ के संतों ने तो नाराजगी जताई ही थी, द्वारका पीठ के शंकराचार्य सदानंद महाराज ने मेले के बहिष्कार की धमकी दे दी थी।