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लोक अदालत : न कोई जीता, न कोई हारा...फिर छह जोड़े बने एक-दूजे का सहारा

Sun, 15 Sep 2024 04:41 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

2023 में चायल निवासी आलोक (परिवर्तित नाम) से ब्याही कीडगंज की राधिका (परिवर्तित नाम) ने 2024 में ही अलग होने का फैसला ले लिया था। राधिका और आलोक सरकारी सेवा में हैं। दोनों की तैनाती अलग-अलग राज्याें में है। नौकरी की वजह से सैकड़ों किलोमीटर की दूरी ने रिश्तों में दूरियां पैदा कर दी।
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लोक अदालत में एक दूसरे के हुए जोड़े। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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न कोई जीता, न कोई हारा...वर्षों से जुदा छह जोड़ों को एक साथ करने का लोक अदालत बनी सहारा...। राहें तो जुदा करने के लिए निकले थे, लेकिन फिर से इन्हें शादी के सात वचन याद दिलाए गए तो गिले-शिकवे भूल राजी-खुशी घर के लिए विदा हो गए। इलाहाबाद जिला न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत में 69 पारिवारिक वादों का निस्तारण किया गया।

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राहें जुदा करने को निकले...शाम को याद आ गए सात फेरे

2023 में चायल निवासी आलोक (परिवर्तित नाम) से ब्याही कीडगंज की राधिका (परिवर्तित नाम) ने 2024 में ही अलग होने का फैसला ले लिया था। राधिका और आलोक सरकारी सेवा में हैं। दोनों की तैनाती अलग-अलग राज्याें में है। नौकरी की वजह से सैकड़ों किलोमीटर की दूरी ने रिश्तों में दूरियां पैदा कर दी। वजह बना सोशल मीडिया, जिसने दोनों में गलतफहमी पैदा कर दी।
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पति ने लांछन लगाया तो पत्नी ने गुस्से में दहेज उत्पीड़न और दुर्व्यवहार का आरोप मढ़ दिया। इसके बाद पत्नी ने तलाक का मुकदमा दाखिल कर दिया। राहें तो जुदा करने के लिए निकले थे, लेकिन पारिवारिक न्यायालय के परामर्शदाताओं ने संभाल लिया। उनकी सलाह पर दोनों फिर से सात फेरों का फर्ज निभाने वादा कर अदालत से राजी-खुशी विदा हुए। वहीं, तलाक लेने पहुंचे मेहंदौरी के एक दंपती ने भी अलग होने की जिद्द छोड़ दी।

रूठी पत्नियां मानीं..

नैनी की रजनी (परिवर्तित नाम) कीडगंज निवासी पति राजू (परिवर्तित नाम) से नाराज होकर बेटी संग दो साल पहले मायके जा बसी। आपसी तू-तू, मैं-मैं से पत्नी और बेटी से जुदा राजू ने उन्हें बुलाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। कोशिश कामयाब हुई। बेटी संग लोक अदालत पहुंची रजनी ने गुस्सा किनारे कर फिर से साथ रहने का फैसला लिया। इसी तरह बच्चों संग सलोरी स्थित मायके जा बसी पत्नी का साथ पाने की कोशिश में सोहबतियाबाग का एक पति भी कामयाब रहा। ढाई साल बाद परिवार एक हुआ।

गुजारा-भत्ता छोड़...पिया घर चली

ढाई साल से अलग रह कर पति अरविंद (परिवर्तित नाम) से बीमार बेटे, बेटी और खुद के लिए गुजारा भत्ता की मांग कर रही रागिनी (परिवर्तित नाम) भी मान गईं। पति पर गुजारा भत्ता की 45000 की बकाया रकम पाने की जिद्द छोड़ कर साथ रहकर बच्चों के लालन-पालन करने मायके से पिया के घर चली गईं। यह सभी मामले पारिवारिक न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश डॉ.बाल मुकुंद, अपर न्यायाधीश निशा, रश्मि सिंह, सुशील कुमारी, प्रदीप कुमार चतुर्थ की अदालतों में निस्तारित हुए। इस मौके पर पक्षकारों के अधिवक्ता राकेश कुमार मिश्रा, वीरेंद्र सिंह, परामर्शदाता मीनाक्षी तिवारी, श्वेता सिंह, भरत किशोर शुक्ला व लता श्रीवास्तव रहीं।

कचहरी की लोक अदालत में 21 लाख वाद निस्तारित

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में जनपद न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जिला जज संतोष राय ने किया। लोक अदालत में कुल 213438 वादों का निस्तारण किया गया। इसमें जनपद न्यायाधीश की अदालत ने पांच, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शशि कुमार की अदालत ने 6282 वाद निस्तारित किए। फ़ौजदारी के कुल 10009, मोटर दुर्घटना दावे से जुड़े 279, ई सी एक्ट के 204, रेलवे से जुडे 1265, वर्चुअल कोर्ट के जरिये ट्रैफिक के 5000 , राजस्व न्यायालयों के 131930 व बैंक के प्री लिटिगेशन के 1428 मामलों का निस्तारण किया गया। इस अवसर पर एडीजे रविकांत द्वितीय, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव दिनेश कुमार गौतम, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण पीठासीन अधिकारी प्रदीप कुमार, राम कुशल , एडीजे राम प्रताप सिंह राणा आदि न्यायिक अधिकारी रहे।
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हाईकोर्ट की लोक अदालत में आठ करोड़ रुपये प्रतिकर की अदाएगी

इलाहाबाद हाईकोर्ट में आयोजित लोक अदालत में बैठी तीन अदालतों ने कुल 284 मुकदमे निस्तारित करते हुए पक्षकारों से करीब नौ करोड़ रुपये प्रतिकर की अदाएगी कार्रवाई की। यह जानकारी हाईकोर्ट विधिक सेवा समिति के सचिव दिवाकर द्विवेदी ने दी। उन्होंने बताया कि लोक अदालत का आयोजन मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली, विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्रा के दिशा निर्देशन में किया गया। इस मौके पर न्यायमूर्ति विपिन चंद्र दीक्षित, न्यायमूर्ति मयंक कुमार जैन, न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की अदालतों में दीवानी, फौजदारी और पारिवारिक विवादों का निस्तारण सुलह समझौते के आधार पर किया।
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