रिकार्ड तापमान दर्ज कराने के बाद भी मौसम नरम होने का नाम नहीं ले रहा है। दिन में बादलों की आवाजाही बनी रही लेकिन गर्म हवाओं के थपेड़े और उमस के चलते लोग परेशान रहे। शाम को करीब 50 किलोमीटर की रफ्तार से आई धूल भरी आंधी के बाद से तपन से कुछ खास राहत नहीं मिली, लेकिन बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। सापेक्षित आर्द्रता बढ़ने से उमस का प्रकोप जारी रहा। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक उत्तर-पश्चिमी हवाओं के दबाव से तापक्रम परेशानी का कारण बना है।
रविवार शाम आई धूल भरी आंधी से कई स्थानों पर टिन शेड, होर्डिंग्स, छप्पर आदि उड़ गए। 50 किलोमीटर की रफ्तार से आई आंधी तपिश से ज्यादा देर तक राहत नहीं दिला सकी। सड़कों पर चल रहे लोग धूल से परेशान हो गए। कई स्थानों पर बिजली के तार टूटने की खबर है। आंधी का साइड इफेक्ट बिजली आपूर्ति पर पड़ा। पावर कारपोरेशन के अफसरों के मुताबिक आंधी के बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। जहां फाल्ट आया, वहां काम कराया गया।
एक महीने से अधिक समय हो रहा है, लेकिन सूरज की तमतमाहट में कमी नहीं आ रही है। आर्द्रता (नमी) का अंतर घटने-बढ़ने से गर्मी के तल्ख तेवर लोगों की परेशानी का कारण बने हैं। बीते 24 घंटे के भीतर अधिकतम तापमान मामूली अंतर के साथ 44.5 से 43.8 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। वहीं न्यूनतम तापमान का बढ़ना रात में नींद उड़ाने वाला रहा। रात का पारा 30.5 से 31.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। नमी का स्तर 67/29 फीसदी रहा।
मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एचएन मिश्रा के मुताबिक तापक्रम का बढ़ना मौसम बदलने का कारण बनेगा। हालांकि बादल उड़ गए हैं लेकिन 24 घंटे में बूंदाबांदी के आसार बने हैं। उन्होंने बताया कि वातावरण में सापेक्षित आर्द्रता का अंतर कम होने से बारिश की संभावना बढ़ जाती हैं। हालात रात के तापमान पर निर्भर होंगे।