राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) अपनी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए कुंभ में करोड़ों खर्च करेगा। श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी जानकारी देने के लिए 53 एलईडी स्क्रीन लगेंगी। इसके अलावा एनएचएम की मदद से चल रहे 17 राष्ट्रीय कार्यक्रमों की जानकारी देने के लिए प्रदर्शनी भी लगायी जाएगी।
प्रयागराज कुम्भ के दौरान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन स्वास्थ्य सुविधाओं का प्रचार-प्रसार वहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के बीच करेगा। मेला स्थल के साथ ही प्रयागराज जाने वाली बसों पर भी प्रचार किया जाएगा। इसकेअलावा एनएचएम की आईईसी विंग अपनी प्रचार सामग्री, वीडियो को ऑनलाइन दिखाने केलिए एक वेबसाइट को लांच करेगा। ये वेबसाइट लंबे समय से ठप पड़ी थी। इसे फिर से अपडेट किया जा रहा है। कुम्भ के दौरान ही इसकी लांचिग की जाएगी। एनएचएम की जीएम आईईसी डॉ. मीनाक्षी सिंह ने बताया कि लगभग 60 फिल्में व अन्य प्रचार से जुड़ी सामग्री वेबसाइट पर है। इसके अलावा एफएम, न्यूज पेपर, पिक्चर हॉल में भी प्रचार-प्रसार की तैयारी की जा रही है।
कुम्भ में आयुष पद्धति के चिकित्सालयों में 24 घंटे इलाज मिलेगा। इसके लिए 28 आयुष चिकित्सालयों की स्थापना की गई है। 14 सेक्टरों में 14 आयुर्वेदिक और 14 होम्योपैथिक चिकित्सालय बनाए गए हैं। इसके अलावा 10-10 बेड मरीजों को भर्ती करने के लिए भी तैयार किए हैं। मरीजों को दवाएं मुफ्त उपलब्ध कराई जाएंगे।
राज्य आयुष सोसाइटी के कार्यक्रम प्रबंधक अरविंद ने बुधवार को बताया कि प्रयागराज कुम्भ में आयुष चिकित्सालयों में इलाज के साथ ही जागरूकता भी फैलाई जाएगी। चिकित्साधिकारी इलाज गंभीर रूप से बीमार होने वाले मरीज को जांच और प्राथमिक उपचार के बाद रेफर करेंगे। उन्होंने बताया कि 2013 कुम्भ मेले में होम्योपैथी चिकित्सालय में लगभग 4.5 लाख और आयुर्वेदिक चिकित्सालय में 3.5 लाख लोगों को इलाज किया गया था। इस वर्ष लोगों की संख्या दो गुना होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
कार्यक्रम प्रबंधक अरविंद ने बताया कि कुम्भ मेले में होम्योपैथिक एवं आयुर्वेदिक पद्धति के बाल रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग, जनरल फिजीशियन, नाक, कान गला विशेषज्ञ, सर्जन, स्त्री रोग विशेषज्ञों की टीम लगेगी। अस्थाई चिकित्सालयों में एक डॉक्टर, एक नर्स, एक फार्मासिस्ट और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की तैनाती होगी। उन्होंने बताया कि मेले में दो मोबाइल वैन सुबह 10 बजे से शाम 06 बजे तक चलाई जाएगी। इस मोबाइल वैन के माध्यम से संक्रामक रोग व उनके रोकथाम के बारे में जागरूकता, होम्योपैथी, आयुर्वेद, यूनानी और योग के महत्व को बताया जाएगा।
कुंभ मेला में कल्पवासियों व श्रद्धालुओं को मेला स्थल पर ही आसानी एलपीजी मिल सकेगी। सप्लाई से जुड़ी तीनों पेट्रोलियम कंपनियों के राज्य समन्वयक एके गंजू ने बताया कि इसके लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके तहत पूरे कुंभ मेला स्थल में तेल कंपनियां शिविर लगाएंगी। इनमें जरूरतमंदों को सिर्फ आईडी के आधार पर 19 किग्रा. व्यवसायिक, 14.2 किग्रा घरेलू व पांच किग्रा. घरेलू सिलिंडर ऑन डिमांड उपलब्ध कराया जाएगा। इस काम के लिए प्रयागराज सहित आसपास के जिलों की 23 गैस एजेंसियों को लगाया जाएगा।