इलाहाबाद विश्वविद्यालय के जीव विज्ञान विभाग के प्रोफेसर के पी सिंह कहते हैं कि इस इलाके में अभी तक ऐसा रिसर्च तो ऐसा कुछ नहीं हुआ है मगर चमगादड़ से संक्रमण की संभावना नहीं के बराबर है। वह इसकी वजह भी बताते हैं, एक तो इऐसे कोई केस आज तक सामने नहीं आया है ।दूसरे चमगादड़ से मनुष्य का संपर्क नहीं के बराबर है चमगादड़ रात्रि चर होते हैं ये पेड़ों और गुफाओं में रहते और कीट पतंगे और फल खाते हैं इंसानों से उनका संपर्क नहीं होता है ।