दो हजार से अधिक किसानों के सामने नया संकट खड़ा हो गया है। उनकी नौकरी तो पहले ही जा चुकी है। अब वह प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से भी वंचित हो गए हैं। उल्टे उन्हें वसूली का नोटिस भेजा गया है। नैनी स्थित बीपीसीएल बंद हो चुका है। इसकी वजह से कर्मचारियों की नौकरी भी खत्म हो गई है।
इनमें से सम्मान निधि पाने वाले कर्मचारियों को एक और झटका लगा है। नौकरी जाने के बाद कई कर्मचारियों ने सम्मान निधि के लिए आवेदन किया। कई किस्ते मिलीं भी लेकिन अब उन्हें वसूली का नोटिस भेजा गया है। अफसरों का कहना है कि नौकरी के दौरान इन्होंने इनकम टैक्स जमा किया था।
ऐसे में आयकर दाताओं की सूची में इनके नाम अब भी शामिल हैं। ऐसे में आयकर दाता मानते हुए इन्हें वसूली का नोटिस भेजा गया है। इसी तरह का झटका शिक्षा मित्रों को भी लगा है। इनका सहायक अध्यापक के पद पर समायोजन हो गया था। ऐसे में वह आयकर दाताओं की सूची में भी शामिल हो गए थे लेकिन अब उनकी नियुक्ति मानदेय पर हो गई। इसके बाद वे आयकर दाता तो नहीं रह गए हैं लेकिन कृषि विभाग के पास उपलब्ध सूची के अनुसार उनके नाम अब भी आयकर दाताओं में शामिल हैं।