इसी बात को लेकर सोमवार सुबह 10 बजे रविशंकर व प्रेमबली के बीच बहस होने लगी। देखते ही देखते दोनों तरफ से लोग पहुंचे और लाठी-डंडों से एक दूसरे पर हमला कर दिया। मारपीट होते देख गांव के रविशंकर का छोटा भाई जो गांव का चौकीदार है, उसने तिल्हापुर पुलिस चौकी फोन कर घटना की जानकारी दी। गांव के लोगों की माने तो चौकी से दो सिपाही मौके पर पहुंचे, लेकिन उन्होंने किसी को रोकना मुनासिब नहीं समझा। इस बीच दूसरे पक्ष ने रविशंकर के सिर पर डंडे से वार कर घायल कर दिया। इसमें वह खून से लथपथ होकर तड़पने लगा।
आननफानन परिवार के लोग निजी वाहन से इलाज के लिए प्रयागराज ले जा रहे थे। रास्ते में भगवतपुर के समीप रविशंकर की मौत हो गई। वहीं दूसरी ओर मारपीट में मृतक रविशंकर का छोटा भाई गौरीशंकर व दूसरे पक्ष से प्रेमबली, उसकी पत्नी रन्नो देवी व बेटे धर्मेंद्र को चोटें आईं हैं। पुलिस ने सभी घायलों को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया है। पुलिसकर्मियों ने रविशंकर का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक रविशंकर पांच भाइयों में दूसरे नंबर का था। उसके दो लड़के व चार लड़कियां हैं। पुलिस ने प्रेमबली द्विवेदी उसके बड़े लड़के अजय व पत्नी रन्नो देवी को हिरासत में ले लिया है। देर शाम तक पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी।
तीन माह पहले भी हुआ था विवाद
प्रेमबली व रविशंकर के परिवार वालों के बीच विवाद की बुनियाद तीन महीने पहले ही पड़ गई थी। दोनों पक्ष के बीच तीन माह पहले मारपीट के मामले में पुलिस ने शांतिभंग में चालान भी किया। इसके बाद से दोनों परिवारों के बीच मनमुटाव बढ़ गया। इधर, गेहूं की फसल से पहले प्रेमबली ने खेत के किनारे कटीले तार लगवाए तो लोगों ने रविशंकर के खेत को रास्ता बना लिया। इसी के बाद सोमवार सुबह विवाद हुआ।
- मृतक के घरवालों ने अब तक तहरीर नहीं दी है। परिवार के लोग जो तहरीर देते हैं, उसके हिसाब से रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के सामने घटना होने की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो मामले की जांच कराकर दोषी सिपाहियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - श्यामकांत, सीओ चायल