इस बात की जानकारी रामराज ने जब अपने होने वाले दमाद से की तो उसने इंकार कर दिया। रामराज ने बेटी के अपहरण की सूचना उसी दिन बहरिया थाने पर दी। पुलिस ने बेटी को ढूंढने की बात कह कर रिपोर्ट नहीं लिखी। रामराज बेटी को खोजने के साथ.साथ बहरिया थाने का चक्कर काटते रहे। दो दिन बाद किसी तरह पुलिस ने अज्ञात में मुकदमा दर्ज किया। लेकिन मामले में कोई दिलचस्पी नहीं ली। रामराज ने अधिकारियों से बहरिया पुलिस की शिकायत की तो दबाव पड़ने पर पुलिस ने रामराज के होने वाले दामाद संदीप सोनी को गिरफ्तार करके जेल तो भेज दिया। लेकिन पुलिस न तो युवती को बरामद किया और न ही मामले का खुलासा किया।
इधर परिजन युवती की तलाश में रात दिन एक कर दिया। शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक युवती के शव को कुछ लोगों ने देखा तो घर वालों को बताया। शव रामराज की बेटी पुष्पा सोनी का था। पुष्पा सोनी का शव प्रतापगढ़ के हथिगवां थाना क्षेत्र के बेती गांव में सड़क के किनारे नाले में फेंका गया था। 16 मई को हथिगवां पुलिस ने शिनाख्त न होने पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।
हत्या की सूचना पर फैला आक्रोश
पुष्पा सोनी की हत्या का खुलासा होने पर परिजनों में आक्रोश फैल गया। सैकड़ों की संख्या में लोग बहरिया थाने पहुंचे और पुलिस पर लापरवाही तथा मामले में लीपापोती का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। मामले की विवेचना कर रहे दरोगा को जमकर बुरा भला कहा। इसके बाद भी परिजनों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और सिकंदरा तिराहे पर जाम लगा दिया। जिससे सोरांव, फूलपुर और बहरिया रोड पर जाम लग गया।
सूचना पर एसपी गंगापार अभिषेक अग्रवाल और क्षेत्राधिकारी फूलपुर राम सागर व कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन देकर किसी तरह से जाम हटवाया। क्षेत्राधिकारी फूलपुर राम सागर ने बताया कि मामले में हत्या की धारा बढ़ा दी गई है और सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए दबिश दी जा रही है।