भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव मौर्य 18 साल पुराने सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाने और तोड़फोड़ के मुकदमे में बरी हो गए हैं। जिला न्यायालय ने कलेक्ट्रेट परिसर में हुई तोड़फोड़ की घटना का आरोप साबित नहीं होने पर केशव प्रसाद मौर्य को दोषमुक्त कर दिया है। सुनवाई एसीजेएम चतुर्थ ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता ओंकार मिश्र, राकेश तिवारी, कौशलेश सिंह आदि को सुनकर दिया है।
अभियोजन के अनुसार घटना 1998 में जिलाधिकारी कार्यालय परिसर की है। एडीएम सिटी के स्टेनों रिषभ देव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि विश्व हिंदू परिषद के नेता केशव प्रसाद मौर्य अपने साथ सैकड़ों लोगाें को लेकर आए और हंगामा करने लगे और कार्यालय के पर्दे फाड़ दिए ,मेज पलट दी और कर्मचारियों से मारपीट की। इस मामले में प्रशासन के कर्मचारी ही गवाह थे। अभियोजन ने चार गवाह पेश किया जिसमें से किसी गवाह ने घटना का समर्थन नहीं किया है।
सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोप साबित न होने पर केशव प्रसाद मौर्य को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया है। निर्णय के समय केशव प्रसाद मौर्य कड़ी सुरक्षा में अपने अधिवक्ताओं के साथ अदालत में उपस्थित हुए ।