prayagraj news : यमुना नदी में आई बाढ़ से प्रभावित गांव।
- फोटो : कौशाम्बी
ग्रामीणों का कहना है कि इसी रफ्तार से यमुना में जलवृद्घि होती रही है तो दो-चार दिन में खतरा बढ़ना तय है। सिंचाई विभाग के एक्सईएन जगदीश लाल ने बताया कि रविवार रात नैनी में यमुना का जलस्तर 84.63 मीटर रिकार्ड किया गया है। जबकि खतरे का निशान 84.73 मीटर है। फिलहाल ढाई से तीन सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर में वृद्घि हो रही है। ऐसे में आधी रात तक यमुना खतरे का निशान पार कर जाएंगी।
2019 में भी खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर पहुंच गई थी यमुना
सिंचाई विभाग के एक्सईएन जगदीश लाल ने बताया कि इससे पहले वर्ष 2019 में भी एकमुश्त 21 लाख क्यूसेक पानी यमुना में छोड़ा गया था। इस कारण 21 सितंबर 2019 को यमुना खतरे के निशान से 96 सेमी ऊपर बह रही थी। उस वक्त नैनी में यमुना का जलस्तर 85.70 मीटर रिकार्ड किया गया था। हालांकि इसका खास असर कौशाम्बी में नहीं दिखा था।
kaushambi news : यमुना में आई बाढ़ प्रभावित गांव।
- फोटो : prayagraj