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janmashtami 2021 : इस जन्माष्टमी पर वर्षों बाद मिलेंगे द्वापर जैसे शुभ संयोग, जानें कब तक रहेगा फलदायी योग

Sun, 29 Aug 2021 10:18 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

पुराणों के अनुसार द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भादों मास में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर बुधवार को रोहिणी नक्षत्र में चंद्रमा के वृष राशि में रहते हुआ था। इस बार बुधवार की जगह सोमवार मिल रहा है।
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जन्माष्टमी 2021 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भगवान कृष्ण के जन्म के समय द्वापर युग में जिस तरह शुभ ग्रह-नक्षत्रों का मिलन हुआ था, वैसे ही संयोग इस बार 30 अगस्त को श्रीकृष्ण के जन्म के समय मिलेंगे। सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ ही जयंती योग और हर्षण योग इस जन्माष्टमी को खास बनाएंगे। हालांकि कोरोना संक्रमण की वजह से मंदिरों में इस बार बड़े स्तर पर न झांकियां सजाई जाएंगी और ना ही सामूहिक तौर पर भीड़ वाले आयोजन होंगे, लेकिन घर-घर में कृष्ण जन्मोत्सव की तैयारियां की गई हैं। इस जन्माष्टमी पर एक साथ कई शुभ संयोगों में नटवर नागर की पूजा करने से मनोवांछित फलों की प्राप्ति होगी।

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कृष्ण जन्माष्टमी 2021 शुभकामना संदेश - फोटो : Amar ujala
पुराणों के अनुसार द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भादों मास में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर बुधवार को रोहिणी नक्षत्र में चंद्रमा के वृष राशि में रहते हुआ था। इस बार बुधवार की जगह सोमवार मिल रहा है। बाकी सभी योग द्वापर जैसे हैं। सोमवार को रोहिणी नक्षत्र सुबह 6:39 बजे शुरू हो जाएगा। चंद्रमा एक दिन पहले से अगले दिन शाम तक वृषभ राशि में रहेगा। अष्टमी भी रात 2.02 बजे तक रहेगी। वहीं, सोमवार का दिन चंद्रमा और भगवान शिव के लिए प्रिय होने की वजह से जन्माष्टमी में शुभ और वृद्धिकारक रहेगा।
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कृष्ण जन्माष्टमी 2021 शुभकामना संदेश - फोटो : Amar ujala
ज्योतिषाचार्य पं. ब्रजेंद्र मिश्र के मुताबिक सोमवार को जन्माष्टमी के दिन कृत्तिका और रोहिणी नक्षत्र भी रहेगा। इसके अलावा जन्माष्टमी पर हर्षण योग इस दिन के महत्व को कई गुना बढ़ा देगा। जन्माष्टमी पर सूर्य और मंगल सिंह राशि में स्थित होंगे। चंद्र राहु, केतु उच्च राशि में हैं। बुध उच्च राशि में हैं। शनि अपनी राशि में है और देव गुरु बृहस्पति लग्न को देख रहे हैं। अष्टमी और रोहिणी नक्षत्र एक साथ पड़ने से जयंती योग भी बन रहा है। ज्योतिषियों के मुताबिक इस कृष्ण जन्माष्टमी पर सुबह 6:22 बजे से रात 12:16 बजे तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। इस दिन पूजन अनुष्ठान और प्रसाद के अलावा भगवान की प्रतिमाएं, वस्त्र, शृंगार, आभूषण और सजावटी समान की खरीदारी समृद्धिदायक होगी।
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