श्रृंग्वेरपुर धाम पीठाधीश्वर महंत रामप्रसाद दास शास्त्री महाराज जगन्नाथ भगवान को काढ़ा पिलाकर उन्हें पंद्रह दिनों के लिए आराम की मुद्रा में करके उनकी सेवा कर रहे हैं। रविवार को वस्त्र चढ़ाकर,काढ़ा पिलाकर भगवान जगन्नाथ की पूजा अर्चना की गईं।
सनातन धर्म मे भगवान जगन्नाथ के विशेष पूजन का विधान है। जहां उड़ीसा मे जगन्नाथ स्वामी पंद्रह दिनों के लिए बीमार होते है। इसी परंपरा को देश के कोने कोने में जगन्नाथ स्वामी के भक्त एवं साधु संत मनाते हैं। मान्यताओं के अनुसार इस दिन 15 दिनों के लिए भगवान जगन्नाथ स्वामी बीमार हो गए हैं। इसी परंपरा को श्रृंग्वेरपुरधाम में श्री तुलसी साहित्य प्रचार समिति एवं श्रृंग्वेरपुर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के तत्वावधान में आगे बढ़ाया गया।
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श्रृंग्वेरपुर धाम पीठाधीश्वर महंत रामप्रसाद दास शास्त्री महाराज जगन्नाथ भगवान को काढ़ा पिलाकर उन्हें पंद्रह दिनों के लिए आराम की मुद्रा में करके उनकी सेवा कर रहे हैं। रविवार को वस्त्र चढ़ाकर,काढ़ा पिलाकर भगवान जगन्नाथ की पूजा अर्चना की गईं। श्रृंग्वेरपुरधाम के श्रीराम वर विश्राम आश्रम में ज्येष्ठ मास के पूर्णिमा तिथि के दिन भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और बड़े भाई बलभद्र को गर्भ गृह से बाहर लाया गया।
उन्हें सहस्त्र स्नान कराया गया। स्नान के बाद भगवान जगन्नाथ बीमार पड़ गए हैं। तेज लू लगने से उन्हें बुखार आ गया है। जिस कारण से वह 15 दिनों तक विश्राम की मुद्रा में रहेंगें। इस दौरान उनका विशेष ध्यान रखा जाएगा। उन्हें कई प्रकार की औषधियों का काढ़ा बनाकर दिया गया है। सादा भोजन या प्रसाद का भोग लगाया गया है। 15 दिनों तक केवल काढ़ा पिलाया जाएगा।
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वह आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि के दिन वह अपने विश्राम कक्ष से बाहर निकलेंगे और इस दिन भव्य जगन्नाथ रथ यात्रा निकाली जाएगी। श्रृंग्वेरपुर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष अरुण द्विवेदी ने बताया कि आगामी सात जुलाई को भव्य जगन्नाथ यात्रा श्री तुलसी साहित्य प्रचार समिति एवं श्रृंग्वेरपुर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के तत्वावधान मे श्रीराम वर विश्राम आश्रम से श्रीराम संध्या मठ श्रीराम घाट तक निकाली जाएगी। इस दिन भगवान जगन्नाथ स्वामी मौसी गुड़िचा से मिलने के लिए उनके घर रथ पर बैठकर जाएंगे। ग्रामीण एवं भक्तजन फूल मालाओं से भगवान जगन्नाथ यात्रा का स्वागत करेंगे। श्रीधर महाराज ने बताया कि जगन्नाथ स्वामी इन पंद्रह दिनों के बाद पुनः सृष्टि का संचालन करेंगे।