यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने अधिवक्ता शैलेश कुमार उपाध्याय की दलीलों को सुनकर दिया है। उनका कहना था कि याची के खिलाफ फर्जी कनेक्शन व फर्जी मीटर सीलिंग प्रमाणपत्र देकर धन उगाही के आरोप की प्रारंभिक जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई, जिसने आरोपों की पुष्टि की।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अधीक्षण अभियंता पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम, फाटहा, मिर्जापुर को अधिशासी अभियंता कार्यालय में तैनात कार्यालय सहायक विनोद कुमार सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप की जांच दो माह में पूरी करने तथा उसे निलंबन भत्ते का बकाया सहित नियमित भुगतान करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि यदि दो माह में जांच पूरी नहीं होती तो याची कार्यालय सहायक निलंबन रद्द करने के लिए हाईकोर्ट दोबारा आ सकता है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने अधिवक्ता शैलेश कुमार उपाध्याय की दलीलों को सुनकर दिया है। उनका कहना था कि याची के खिलाफ फर्जी कनेक्शन व फर्जी मीटर सीलिंग प्रमाणपत्र देकर धन उगाही के आरोप की प्रारंभिक जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई, जिसने आरोपों की पुष्टि की। इसके बाद याची को निलंबित कर दिया गया। कोर्ट ने कहा आरोप गंभीर है। साबित होने पर बड़ा दंड मिल सकता है। आरोपों की विश्वसनीयता जांच से तय होगी। इसलिए अधीक्षण अभियंता दो माह में जांच पूरी करें।