इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी फर्रुखाबाद को निर्देश दिया है कि एनआईओएस से डीएलएड में डिप्लोमाधारक याची को 6 हफ्ते में नियुक्ति आदेश जारी करें। यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने दीपक कुमार शुक्ल की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है।
याचिका पर अधिवक्ता राघवेन्द्र प्रसाद मिश्र ने बहस की। अधिवक्ता का कहना था कि याची सहायक अध्यापक भर्ती में चयनित हुआ। एनआईओएस से प्रशिक्षण का डिप्लोमा करने के कारण नियुक्ति नहीं दी जा रही है। एनसीटीई के अधिवक्ता ने कहा कि एनआईओएस से डिप्लोमा को सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति की मान्यता दी गई है। इस पर कोर्ट ने कहा कि नियुक्ति न देने का औचित्य नहीं है।
केंद्रीय सुरक्षा बलों में भर्ती को लेकर केंद्र सरकार से जवाब तलब
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्रीय कर्मचारी चयन आयोग की 2018 की अर्द्ध सैनिक बलों की भर्ती में खाली पदों को भरने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर केंद्र सरकार से चार हफ्ते में जवाब मांगा है और चयनित विपक्षी अभ्यर्थियों को नोटिस जारी किया है। याचिका की अगली सुनवाई 17 दिसंबर को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव ने बद्रीनाथ निषाद व 11 अन्य की याचिका पर दिया है।
याचिका पर अधिवक्ता पवन यादव ने बहस की। अधिवक्ता का कहना था कि चयन प्रक्रिया में नियमों को शिथिल कर गड़बड़ी की गई है। पद खाली होने के बावजूद योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति नहीं की जा रही है। आयोग ने 58373 अर्द्ध सैनिक बलों की भर्ती निकाली। अभी तक चार हजार पद भरे नहीं गए हैं। तमाम अभ्यर्थियों की सफलता के बाद भी नियुक्ति नहीं की जा रही है।