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प्रयागराज : शहर में बढ़ी तेंदुओं की चहलकदमी, वन विभाग पांच पिंजड़ों का बिछाएगा जाल

Thu, 03 Sep 2026 08:20 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

शहर के ग्रामीण क्षेत्रों में तेंदुओं की बढ़ती चहल कदमी को देखते हुए वन विभाग ने ग्रामीण इलाकों की सीमा पर पांच पिंजरे लगाने का निर्णय लिया है। ऐसे में इन पिंजरों का कहां-कहां रखा जाना है, इसके लिए काम शुरू कर दिया गया है।
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तेंदुआ। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शहर के ग्रामीण क्षेत्रों में तेंदुओं की बढ़ती चहल कदमी को देखते हुए वन विभाग ने ग्रामीण इलाकों की सीमा पर पांच पिंजरे लगाने का निर्णय लिया है। ऐसे में इन पिंजरों का कहां-कहां रखा जाना है, इसके लिए काम शुरू कर दिया गया है। अभी तक वन विभाग की तरफ से झूंसी के हरीश चंद्र मिशन इनइंस्टिट्यूट में एक पिंजरा लगाय गया। मगर अब इस पिंजरे को यहां से हटाने की तैयारी है। ऐसे में चार अन्य पिंजरे भी लगाने की योजना बन चुकी है। इन पिंजरों में तेंदुआ के लिए बकरे का मांस रखा जाएगा। इसके अलावा गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पिंजरे के आसपास कैमरे भी लगाए जाएंगे।

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अगर देखा जाए तो बाढ़ के समय तेंदुओं की चहलकदमी गंगा के तटीय इलाकों में अधिक देखने को मिलती है। पिछले एक साल के भीतर गंगा के तटीय इलाकों से सटे गांव कोटवा, कतवारूपुर व घनइचा के आसपास तेंदुआ देखने को मिला था। ऐसे में इन इलाकों कके आसपास पिंजरा लगाने की पूरी संभावना है। वहीं मिर्जापुर मार्ग से सटे तटीय इलाकों में भी पिंजरों को सुरक्षा के तौर पर लगाया जा सकता है। बता दें कि सरायइनायत के कतवारूपुर गांव में मंगलवार की रात तेंदुआ देखा गया था। जिसके बाद वन विभाग की टीम ने तेंदुआ के पैरों के निशान के आधार पर खोजबीन शुरू कर दी है। इसके अलावा ग्रामीणों को सावधान रहने की भी सलाह दी गई है।

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इसी साल पकड़ा गया है तेंदुआ

गंगानगर जोन के अंतर्गत झूंसी व हनुमानगंज के बीच स्थित छिबैयां गांव में आठ जनवरी 2026 को वन विभाग की टीम ने तेंदुए को पकड़ा था। इसके अलावा एक अप्रैल 2026 को प्रयागराज-मिर्जापुर हाईवे पर दिघिया पुलिस चौकी के पास एक तेंदुआ की मार्ग दुर्घटना में मौत हो गई थी। वहीं सरायइनायत के कतवारूपुर गांव में दूसरी बार तेंदुआ देखने को मिला है।

गंगा के तटीय इलाकों के सटी ग्रामीण इलाकों में बरतें सावधानी

1-रात में खेतों की तरफ न जाएं
2-शाम होने पर अकेले घर से बाहर न निकलें, क्योंकि तेंदुआ एक से अधिक लोगों पर हमला नहीं करता है।
3-दिन डूबने के बाद घर से बाहर न निकलें।

बाढ़ के दौरान तटीय इलाकों से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में तेंदुआ की चहलकदमी बढ़ जाती है। जिसको ध्यान में रखते हुए, पांच पिंजरों को संदेह वाले इलाकों में लगाया जाएगा। जिसकी गतिविधि के लिए कैमरे भी लगाए जाएंगे। जल्द ही स्थानाें को चिन्हित करके पिंजरे लगाने की तैयारी है। - अरविंद यादव, डीएफओ, वन विभाग।
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