ऑनलाइन व्यवस्था के साथ लागू हुआ ओटीआर
आयोग में आवेदन समेत अन्य प्रक्रिया ऑनलाइन हो गई है। अभ्यर्थियों की सहूलियत के लिए आयोग ने अक्तूबर 2022 में ओटीआर (एकल पंजीकरण) की व्यवस्था लागू की। इसे अभ्यर्थियों के लिए अनिवार्य भी कर दिया गया है। इसके तहत ओटीआर के बाद अभ्यर्थियों को अलग-अलग भर्तियों के लिए फॉर्म भरते समय बार-बार पूरे विवरण नहीं देने होंगे। इस व्यवस्था के तहत 18,38,932 प्रतियोगियों ने पंजीकरण कराया है।
भर्ती प्रक्रिया में आई तेजी लेकिन पेपर आउट होने का भी लगा कलंक
आयोग में तकनीकी के इस्तेमाल व अन्य सुधारों के बाद भर्ती प्रक्रिया में तेजी आई है। पीसीएस की भर्ती प्रक्रिया भी एक साल में पूरी कर ली गई लेकिन पेपर आउट होने का कलंक भी लगा। आरओ-एआरओ प्रारंभिक परीक्षा 2023 का पेपर आउट होने का आरोप भी लगा है। इसके बाद परीक्षा स्थगित कर दी गई। इससे पहले पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा-2015 का पेपर भी आउट हो चुका है। प्रिंटिंग प्रेस से ही पेपर लीक होने समेत कई अन्य शिकायतें भी रहीं हैं।
बीच में आयोग की स्थिति काफी खराब हो गई थी। भर्तियां पूरी होने में वर्षों लग जाते थे लेकिन अब काफी सुधार देखने को मिला है। समय से भर्ती प्रक्रिया पूरी की जा रही है। आरओ-एआरओ परीक्षा को छोड़ दें तो भर्तियों में पारदर्शिता की बात भी कही जा रही है। यह तकनीकी का दौर है। इसमें पेपर आउट होने की आशंका बढ़ जाती है। आरओ-एआरओ में भी वही होता दिख रहा है। आशा है आयोग इस दिशा में सोच भी रहा होगा। इसके अलावा सख्ती भी करनी होगी। - प्रोफेसर केबी पांडेय, पूर्व अध्यक्ष
इन दिनों कुछ ठीक नहीं हो रहा। 2015 में पेपर आउट हुआ था। भर्तियों को लेकर आंदोलन चला था। वैसी स्थितियां एक बार फिर बनती दिख रही हैं। यह उचित नहीं है। पेपर आउट नहीं होना चाहिए। प्रिंटिंग वाले स्थान से लेकर परीक्षा केंद्र पर पेपर पहुंचाने तक सुरक्षा की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। इसे लेकर सख्ती की जरूरत है। - डॉ. सुनील कुमार जैन, आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्य रहे
आरओ-एआरओ प्री निरस्त करने का अधिसूचना तथा कैलेंडर जारी करने की मांग
आरओ-एआरओ प्रारंभिक परीक्षा निरस्त होने के एक महीने बाद भी उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से इस बाबत अधिसूचना जारी नहीं की गई। इसके अलावा परीक्षा की नई तिथि भी घोषित नहीं की गई है। इस पर प्रतियोगियों में नाराजगी है। युवा मंच के बैनर तले प्रतियोगियों ने सोशल मीडिया पर अभियान भी चला रखा है। मंच के अध्यक्ष अनिल सिंह ने आरओ-एआरओ परीक्षा निरस्त करने संबंधी नोटिस जारी करने की मांग की। अनिल का कहना है कि आयोग ने पीसीएस समेत कई भर्तियों की परीक्षाएं भी निरस्त कर दी हैं। उन्होंने आयोग की ओर से परीक्षाओं का संशोधित कैलेंडर जारी करने की भी मांग की।