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Magh Mela : पुरी शंकराचार्य के शिविर में हिंदू राष्ट्र बनाने को भरी गई हुंकार, भारी संख्या में जुटे साधु संत

Fri, 27 Jan 2023 09:47 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

अधिवेशन में जुटे साधु संतों ने एक स्वर में कहा कि भारत तभी सुरक्षित है जब वह हिंदू राष्ट्र बन जाए। हिंदू राष्ट्र बने बगैर भारत सुरक्षित नहीं है। पुरी शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि हिंदू राष्ट्र घोषित होने की चर्चा अमेरिका के संसद में भी चल रही है।
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केसरिया झंडा। - फोटो : File Photo
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विस्तार
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माघ मेला के त्रिवेणी मार्ग स्थित पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज के शिविर में बृहस्पतिवार को बसंत पंचमी पर्व पर हिंदू राष्ट्र अधिवेशन में भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की हुंकार भरी गई। हिंदू राष्ट्र अधिवेशन में माघ मेले में प्रवास कर रहे साधु-संत भारी संख्या में जुटे। कार्यक्रम में जुटे सभी साधु-संतों ने एक साथ भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने का दम भरा। पुरी शंकराचार्य के शिविर में पंचम हिंदू राष्ट्र अधिवेशन एवं शंकराचार्य के 32वें पट्टाभिषेक महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।

अधिवेशन में जुटे साधु संतों ने एक स्वर में कहा कि भारत तभी सुरक्षित है जब वह हिंदू राष्ट्र बन जाए। हिंदू राष्ट्र बने बगैर भारत सुरक्षित नहीं है। पुरी शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि हिंदू राष्ट्र घोषित होने की चर्चा अमेरिका के संसद में भी चल रही है। कहा कि कुछ ताकतें ऐसी हैं जो भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित होने के खिलाफ कार्य कर रही हैं। कहा कि मुझे पता है कि वे कौन लोग हैं।

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उन्हें बता देना चाहता हूं कि वे अपने मंसूबे में सफल नहीं हो पाएंगे। कहा कि भारत को हिंदू राष्ट्र की घोषणा के लिए साढ़े तीन वर्ष का समय तय किया गया है। आने वाले समय में भारत को हिंदू राष्ट्र की बनने की घोषणा कर दी जाएगी। आदित्य वाहिनी के सुरेश सिंह ने कहा कि सभी के पूूर्वज सनातनी वैदिक हिंंदू थे। इसलिए किसी को भी भारत को हिंदू राष्ट्र बनाए जाने पर विरोध नहीं करना चाहिए।

सभी हिंदुओं को एकजुट होकर हिंदू राष्ट्र बनाने की प्रकिया में सहयोग करना चाहिए। अश्विनी मलिक ने कहा कि भारत ने हमेशा से सहनशील और सहिष्युणता का परिचय दिया है। इसलिए हम सभी का कर्तव्य है कि भारत को अखंड बनाने में पूरा सहयोग दें। संचालन प्रेमचंद्र झा ने किया। अधिवेशन को शंकराचार्य के निजी सचिव निर्विकल्पानंद, प्रफुल्ल चैतन्य ब्रह्मचारी,त्रंबकेश्वर ब्रह्मचारी नीतेश ब्रह्मचारी, राजेश ब्रह्मचारी, भरत भूषण पांडेय, हिमांशु भारद्वाज आदि ने भी संबोधित किया। अधिवेशन में हरियाणा, झारखंड, महाराष्ट्र, उड़ीसा, गुजरात आदि प्रांतोंं से लोग जुटे।
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