उन्हें बता देना चाहता हूं कि वे अपने मंसूबे में सफल नहीं हो पाएंगे। कहा कि भारत को हिंदू राष्ट्र की घोषणा के लिए साढ़े तीन वर्ष का समय तय किया गया है। आने वाले समय में भारत को हिंदू राष्ट्र की बनने की घोषणा कर दी जाएगी। आदित्य वाहिनी के सुरेश सिंह ने कहा कि सभी के पूूर्वज सनातनी वैदिक हिंंदू थे। इसलिए किसी को भी भारत को हिंदू राष्ट्र बनाए जाने पर विरोध नहीं करना चाहिए।
सभी हिंदुओं को एकजुट होकर हिंदू राष्ट्र बनाने की प्रकिया में सहयोग करना चाहिए। अश्विनी मलिक ने कहा कि भारत ने हमेशा से सहनशील और सहिष्युणता का परिचय दिया है। इसलिए हम सभी का कर्तव्य है कि भारत को अखंड बनाने में पूरा सहयोग दें। संचालन प्रेमचंद्र झा ने किया। अधिवेशन को शंकराचार्य के निजी सचिव निर्विकल्पानंद, प्रफुल्ल चैतन्य ब्रह्मचारी,त्रंबकेश्वर ब्रह्मचारी नीतेश ब्रह्मचारी, राजेश ब्रह्मचारी, भरत भूषण पांडेय, हिमांशु भारद्वाज आदि ने भी संबोधित किया। अधिवेशन में हरियाणा, झारखंड, महाराष्ट्र, उड़ीसा, गुजरात आदि प्रांतोंं से लोग जुटे।