परेशान किशोरी इस बात से सदमे में आकर साड़ी का फंदा बनाकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। लेकिन पुलिस पोस्टमार्टम में रेप की पुष्टि न होने का हवाला देकर रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तैयार नहीं थी। किशोरी के परिजनों ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से भी मिलकर बहरिया पुलिस की शिकायत की। समाचार पत्रों में भी मामले को प्रमुखता से प्रकाशित भी किया गया।
चारों तरफ से छीछालेदर होने पर बहरिया पुलिस ने बृहस्पतिवार देर शाम किशोरी की बड़ी बहन की तहरीर पर राममिलन पुत्र राजाराम, दीनानाथ पुत्र राम अभिलाष, रमन पुत्र हरि श्याम सहित पांच लोगों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म सहित विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। शुक्रवार को एसीपी थरवई जंग बहादुर यादव मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की और परिजनों का बयान दर्ज किया।