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Prayagraj : 40 वर्ष से अधिक उम्र है तो डीजे की तेज आवाज से रहें दूर, प्रभावित हो सकती है सुनने की क्षमता

Sat, 09 Mar 2024 02:42 PM IST
विनोद सिंह अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

अस्पतालों में श्रवण दोष से पीड़ित तमाम मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों की मानें तो तेज आवाज में डीजे का साउंड दो घंटे तक सुनने पर सुनने की क्षमता प्रभावित हो जाती है। 
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डीजे के तेज आवाज से सुनने की क्षमता हो सकती है कम। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अगर आपकी उम्र 40 वर्ष से अधिक है तो उत्सवों में जाने पर खुद को डीजे की तेज आवाज से दूर रखें। इसकी वजह से सुनने की क्षमता कमजोर हो रही है। यह हम नहीं 40 से अधिक फरवरी माह में मोती लाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय (कॉल्विन) के नाक, कान, गला विभाग में आए केस हालात बयां कर रहे हैं। मरीजों का कहना है कि डीजे के सामने पहुंचे तो उनके कान में सनसनाहट होने लगी। बाद में सुनाई कम पड़ने लगा।

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कॉल्विन में जांच के दौरान पता चला कि उनकी सुनने की क्षमता 70 से 80 फीसदी प्रभावित हुई है। इसके अलावा इनमें से 10 ऐसे भी थे, जिनकी सुनने की क्षमता समाप्त हो गई है। दरअसल, 40 वर्ष की उम्र के बाद व्यक्ति के सुनने की क्षमता पर असर पड़ता है। इसके अलावा कान की नसें कमजोर होने लगती हैं। इस दौरान तेज आवाज कान के लिए हानिकारक है।

इतना ही नहीं, 40 वर्ष से कम उम्र के लोग भी अगर दो घंटे लगातार डीजे की तेज आवाज सुन लें तो कान में सीटी की आवाज आने लगती है। प्रशासन ने 65 से 70 डेसीबल तक की अनुमति दी है, लेकिन इससे दोगुना आवाज में साउंड बजा रहे हैं। वहीं, कान रोग विशेषज्ञों के अनुसार 120 डेसीबेल के ऊपर की कोई भी आवाज कान को नुकसान पहुंचाती है।
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60 साल के बाद सुनने की क्षमता कमजोर होती थी, लेकिन मोबाइल व ईयरफोन के अधिक इस्तेमाल से अब लोगों के कान की नस 40 वर्ष के बाद ही कमजोर होने लगती है। ऐसे में डीजे या तेज आवाज सुनने की क्षमता पर असर डालती है। इसलिए 40 साल से अधिक उम्र के लोगों को तेज आवाज से उचित दूरी बनाकर रखना चाहिए। - डॉ.संकल्प शुक्ला, ईएनटी, कॉल्विन

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