एकल पीठ ने आजमगढ़ पीएसी से सेवानिवृत्त पुलिस कर्मी जय प्रकाश सिंह के सेवानिवृत्ति परिलाभो से की गई कटौती राशि तीन माह में वापस करने तथा पालन न करने पर छह प्रतिशत ब्याज देने का निर्देश दिया था। जिसे सरकार ने अपील में चुनौती दी थी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी से वसूली गई छह लाख 53 हजार 869 रुपये की तीन माह में वापसी के एकल पीठ के आदेश के खिलाफ राज्य सरकार की विशेष अपील (एसएलपी) खारिज कर दी है। साथ ही आदेश को सही मानते हुए हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया है।
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एकल पीठ ने आजमगढ़ पीएसी से सेवानिवृत्त पुलिस कर्मी जय प्रकाश सिंह के सेवानिवृत्ति परिलाभो से की गई कटौती राशि तीन माह में वापस करने तथा पालन न करने पर छह प्रतिशत ब्याज देने का निर्देश दिया था। जिसे सरकार ने अपील में चुनौती दी थी।
राज्य सरकार का कहना था कि 1999 में याची प्रथम प्रोन्नति वेतनमान पाने का हकदार नहीं था और वह अधिक वेतन प्राप्त करता रहा। सेवानिवृत्ति परिलाभों की गणना के समय इसका खुलासा हुआ।
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इस पर गलत ढंग से ली गई राशि की कटौती की गई है। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के रफीक मसीह केस के हवाले से कहा कि विभाग अपनी गलती का दोषी कर्मचारी पर नहीं थोपा सकता। गलत वेतन निर्धारण कर बाद में वसूली गलत है।