बिजली विभाग के सेवानिवृत्त कनिष्ठ अभियंता को 17 वर्षों से पेंशन का भुगतान न करने और दौड़ाने पर हाईकोर्ट ने गहरी नाराजगी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने बिजली विभाग के अधिकारियों से पूछा है क्यों न जिम्मेदार अफसरों की जवाब देही तय की जाए। कोर्ट ने बिजली विभाग के अधिवक्ता बालेश्वर चतुर्वेदी से 18 फरवरी तक जानकारी मांगी है।
यह आदेश न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्र ने दिया है। याची अधिवक्ता का कहना है कि वह 31 दिसंबर 2004को सेवानिवृत्त हुआ। उसे बकाया वेतन व पेंशन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। 2016 में प्रोविजनल पेंशन दी गई किन्तु तीन साल में ही 2019 में बंद कर दी गई। याची तब से बिजली विभाग के चक्कर लगा रहा है।