यह आदेश न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह और न्यायमूर्ति शैलेंद्र क्षितिज की खंडपीठ ने विधायक और उनके बेटे की ओर से एफआईआर को चुनौती देने वाली याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता वीएम जैदी को सुन कर दिया। मामला दर्ज होने के बाद से फरार चल रहे पिता-पुत्र की तलाश में जुटी नोएडा पुलिस विधायक, उनके पुत्र अनस और अबु बकर की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी कर रही थी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोएडा की कोतवाली फेज-वन स्थित पेट्रोल पंप कर्मियों के साथ हुई मारपीट के मामले में दिल्ली की ओखला सीट से आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान और उनके बेटे अनस खान की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने सरकार से छह हफ्ते में जवाबी हलफनामा भी तलब किया है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह और न्यायमूर्ति शैलेंद्र क्षितिज की खंडपीठ ने विधायक और उनके बेटे की ओर से एफआईआर को चुनौती देने वाली याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता वीएम जैदी को सुन कर दिया। मामला दर्ज होने के बाद से फरार चल रहे पिता-पुत्र की तलाश में जुटी नोएडा पुलिस विधायक, उनके पुत्र अनस और अबु बकर की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी कर रही थी।
मामला नोएडा के फेज वन थाना क्षेत्र का है। विधायक पुत्र समेत अन्य लोग सेक्टर-95 स्थित शहीद रामेंद्र प्रताप सिंह के फिलिंग स्टेशन पर 7 मई की सुबह कार लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि उन्होंने दूसरी गाड़ियों से पहले उनकी गाड़ी में पेट्रोल डालने को कहा था। इस पर सेल्समैन ने गाड़ी को लाइन से लगा कर पेट्रोल देने की बात कही। यह बात इन्हें बुरी लग गई। इसी दौरान अनस और उसकी कार में बैठे अन्य लड़कों ने सेल्समैन से मारपीट कर ली।
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इसके बाद मौके पर पहुंचे विधायक अमानतुल्लाह खान ने पेट्रोल पंप के मैनेजर को धमकाया। इस घटना की सीसीटीवी कैमरों में कैद वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो गया। इसके बाद पुलिस ने विधायक अमानतुल्लाह खान के मैनेजर इकरार अहमद को गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन विधायक और उनके बेटे अनस फरार चल रहे थे।
करीब एक माह पहले विधायक अमानतुल्लाह खान, पुत्र अनस और अबु बकर के खिलाफ जिला अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किया था। इसके बाद पुलिस ने विवेचना के दौरान साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर कई धाराएं बढ़ाई गई थीं। इनमें एससी/एसटी एक्ट, जानलेवा हमला करने और लूटपाट की धाराओं की वृद्धि की थी। इसके खिलाफ विधायक और उनके बेटे अनस ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।