एकल पीठ के आदेश के खिलाफ याची ने विशेष अपील दाखिल की। विभाग के वकील ने आरएम बनाम अभय राज सिंह का हवाला देते हुए विशेष अपील की पोषणीयता पर सवाल उठाया। कहा कि हाईकोर्ट रूल में निहित अपवादों को देखते हुए विशेष अपील सुनवाई योग्य नहीं होगी। जबकि, याची की ओर से दलील पेश करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता समीर शर्मा ने जागेश्वर प्रसाद तिवारी और मदन पाल सिंह के मामले में स्थापित विधि व्यवस्था पर भरोसा जताते हुए स्पेशल अपील को पोषणीय बताया।
दोनों पक्षों की ओर से हाईकोर्ट की खंडपीठ की ओर से पारित दोनों विरोधाभाषी नजीरों की विधिक स्थिति स्पष्ट करने के लिए मौजूदा मामले की सुनवाई कर रही खंडपीठ ने मामले को तीन जजों की पूर्ण पीठ को संदर्भित किया था। पूर्ण पीठ ने अभय राज सिंह के मामले के मुताबिक विशेष अपील को सुनवाई योग्य न मानने की व्याख्या को गलत माना। जबकि, जागेश्वर प्रसाद तिवारी और मदन पाल सिंह के मामले दी गई विधि व्यवस्था पर मुहर लगाते हुए कहा कि राज्य सड़क परिवहन निगम कर्मचारी (अधिकारी के अलावा) सेवा विनियम, 1981 के तहत पारित अपीलीय और पुनरीक्षणीय आदेश को चुनौती देने वाली एकल पीठ के आदेश के खिलाफ विशेष अपील पोषणीय है। कोर्ट ने मामले के त्वरित निस्तारण के लिए पत्रावलियों को संबधित पीठ के पास वापस प्रेषित कर दिया।