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बीच सड़क रिटायर्ड दरोगा को मार डालने पर हाईकोर्ट गंभीर

Wed, 05 Sep 2018 02:07 AM IST
अमर उजाला, इलाहाबाद
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हाईकोर्ट
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शिवकुटी इलाके में सोमवार को रिटायर्ड दरोगा को बीच सड़क पर पीटकर मार डालने की घटना को लेकर हाईकोर्ट बेहद गंभीर है। मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए चीफ जस्टिस डीबी भोसले और जस्टिस यशवंत वर्मा की पीठ ने सरकार ने पूरी जानकारी तलब कर ली है। कोर्ट इस मसले पर बुधवार को सुनवाई करेगी।
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सुबह दस बजे चीफ जस्टिस की बेंच अदालत में बैठी तो पीठ ने तत्काल अखबारों में प्रकाशित इस सूचना का हवाला देते हुए अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता रामानंद पांडेय से पूछा कि यह क्या मामला है। कोर्ट ने किसी अपर महाधिवक्ता को बुलाने का निर्देश दिया और कहा कि वह इस घटना का स्वत: संज्ञान लेकर सुनवाई करेंगे। पीठ को पूरे घटनाक्रम और तथ्यों से अवगत कराया गया। कुछ देर बाद अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने पीठ के समक्ष उपस्थित होकर घटना के बारे में प्रारंभिक जानकारी दी और बुधवार तक पूरी रिपोर्ट देने का भरोसा दिया। इस पर कोर्ट ने सुनवाई बुधवार को करने का निर्देश दिया है। बुधवार को प्रकरण के पूरे तथ्यों और सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से अवगत कराने का आदेश कोर्ट ने अपर महाधिवक्ता दिया।

गौर तलब है कि सोमवार को सुबह करीब दस बजे शिवकुटी के शिलाखाने में रिटायर्ड दरोगा अब्दुल समद खान को कुछ लोगों ने लाठी डंडे से पीट-पीट कर मार डाला। दरोगा को जब बेरहमी से पीटा जा रहा था, उस वक्त आसपास मौजूद कोई भी व्यक्ति उनकी मदद या बचाव के लिए आगे नहीं आया। मारने वाले हिस्ट्रीशीटर और रिटायर्ड दरोगा के रिश्तेदार बताए जाते हैं, जिनकी उनसे पुरानी रंजिश थी।
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वकीलों में चर्चा ट्रेन डकैती पर भी लिया होता संज्ञान
रिटायर्ड दरोगा को पीटकर मार डालने की घटना पर हाईकोर्ट द्वारा स्वत: संज्ञान लेने से अधिवक्ता खुश थे मगर उनके बीच इस बात को लेकर भी चर्चा रही कि सोमवार को ही गंगा-कावेरी एक्सप्रेस में हुई भीषण ट्रेन डकैती पर भी काश कोर्ट संज्ञान ले लेती तो बेहतर होता। ट्रेनों में अपराध की घटनाएं भी आए दिन होती रहती हैं।
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