इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि स्कूल द्वारा दी गई भाई-बहन की फीस में राहत कुछ शर्तों के अधीन है, अधिकार के रूप में इसका दावा नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने मामले में स्कूल से निष्कासित भाई-बहनों को फिर से स्कूल रोल पर बहाल करने और उन्हें शैक्षणिक सत्र 2024-2025 के लिए प्रवेश देने और याची यानी दोनों छात्रों के अभिभावक को स्कूल प्रबंधन के खिलाफ दर्ज शिकायत को वापस लेने का आदेश दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव ने गाजियाबाद के सत्येंद्र कुमार व दो अन्य की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया।
मामले में याची एयरफोर्स के सेवानिवृत्त अफसर हैं। उनके दोनों बच्चों का प्रवेश डीपीएस राजनगर में हुआ था। स्कूल प्रशासन ने शैक्षणिक सत्र 2022-2023-2024 के लिए कोविड राहत और नियत तिथि के अंदर फीस जमा करने पर 50 फीसदी शुल्क में राहत देने की योजना लागू की। हालांकि, स्कूल प्रशासन ने यह शर्त लगाई कि शैक्षणिक सत्र 2023-24 या बच्चे की ओर से किसी भी अनुशासनात्मक दुर्व्यवहार के बाद योजना को वापस लेने का अधिकार सुरक्षित रखा है।